
सूरत। शहर के टेक्सटाइल व्यापारियों को निशाना बनाकर नाम और भूमिका बदल-बदलकर ठगी करने वाले आरोपी भरत दरक उर्फ विवेक पांडे को सारोली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने व्यापारी के साथ 22.91 लाख रुपए की धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात किया था। मामले में मुख्य आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, उभेल गांव स्थित “टेक्सपीन टेक्सटाइल” के प्रोपराइटर अजयभाई मगनभाई नरोडिया ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी मुकेशभाई दोषी, जो “भाग्य श्री फैशन” का संचालक है, तथा उसका दलाल भरत दरक उर्फ विवेक पांडे ने आपसी मिलीभगत से उनसे संपर्क किया था। दोनों ने मीठी-मीठी बातें कर विश्वास जीता और व्यापार शुरू किया।
जांच में सामने आया कि आरोपी मुकेश दोषी ने दलाल भरत उर्फ विवेक पांडे के माध्यम से 10 अप्रैल 2025 से 6 मई 2025 के बीच अलग-अलग बिलों से कुल 23 लाख 41 हजार 489 रुपए का ग्रे कपड़ा खरीदा। इसमें केवल 50 हजार रुपए का भुगतान किया गया, जबकि शेष 22 लाख 91 हजार 489 रुपए आज तक नहीं चुकाए गए।
जब व्यापारी ने बकाया रकम की मांग की तो आरोपियों ने लगातार टालमटोल की और झूठे आश्वासन देकर भुगतान से बचते रहे। बाद में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से व्यापारी के साथ विश्वासघात कर ठगी की है। इस संबंध में सारोली पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(5) और 54 के तहत मामला दर्ज किया गया।
सूरत पुलिस कमिश्नर अनुपमसिंह गहलौत के निर्देश और पुलिस इंस्पेक्टर एस.आर. वेकरिया के मार्गदर्शन में टेक्सटाइल मार्केट में बढ़ते आर्थिक अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सर्विलांस पीएसआई यू.बी. मेंदपरा और उनकी टीम ने ह्यूमन सोर्सेस और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी भरत उर्फ विवेक पांडे के गोडादरा क्षेत्र में होने की जानकारी जुटाई।
सूचना मिलते ही सारोली पुलिस टीम ने गोडादरा में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान भरत दरक उर्फ विवेक पांडे (37) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में घर न.06 गीतानगर,चौरायसी डेरी के पास परवतगाम, सूरत में रह रहा था और मूल रूप से लक्ष्मीनारायण मंदिर के पास बस स्टैंड के पीछे जायल जिला नागौर राजस्थान का निवासी है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास पहले से मौजूद है। उसके खिलाफ गोडादरा पुलिस स्टेशन में भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की कार्यप्रणाली यह रही है कि वह कभी व्यापारी तो कभी दलाल बनकर टेक्सटाइल व्यापारियों से संपर्क करता, पहले समय पर भुगतान कर विश्वास जीतता और बाद में बड़े पैमाने पर माल उठाकर रकम हड़प लेता था।
फिलहाल इस मामले में मुख्य आरोपी चंदुभाई मुकेशभाई दोषी फरार है, जिसकी तलाश सारोली पुलिस कर रही है। पुलिस का मानना है कि आरोपी से पूछताछ में और भी कई ठगी के मामलों का खुलासा हो सकता है।
टेक्सटाईल मार्केट सूत्रों के अनुसार भरत दरक कई मार्केट के व्यापारियों व वीवर्स को अपने जाल में फसाकर ठग चुका है।



