
सूरत। सूरत की 20वीं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) अदालत ने चेक बाउंस के एक महत्वपूर्ण मामले में एन.एस. फैबटेक्स प्रा. लि. तथा उसके निदेशक आनंद बेरिया और पायल आनंद बेरिया को दोषी ठहराते हुए दो-दो माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने साथ ही चेक की राशि का प्रतिकर (मुआवजा) शिकायतकर्ता को अदा करने का भी आदेश दिया। यह फैसला 17 जुलाई 2026 को सुनाया गया।
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता विपिन सिंघल, दी क्रिएशन के प्रोपराइटर ने व्यावसायिक लेन-देन के तहत एन.एस. फैबटेक्स को 2.50 लाख रुपये का कपड़ा उधार में दिया था। भुगतान के लिए कंपनी की ओर से 2.50 लाख रुपये का चेक जारी किया गया, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर वह “फंड्स इनसफिशिएंट” (पर्याप्त राशि न होने) की टिप्पणी के साथ अनादृत हो गया। इसके बाद कानूनी नोटिस भेजे जाने के बावजूद राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिसके चलते अदालत में परिवाद दायर किया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत बिल, चेक, बैंक रिटर्न मेमो, नोटिस तथा अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण किया। न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में सफल रहा, जबकि बचाव पक्ष अपने पक्ष में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके आधार पर अदालत ने परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत कंपनी और दोनों निदेशकों को दोषी करार देते हुए दो माह के साधारण कारावास तथा चेक राशि के प्रतिकर का आदेश पारित किया।



