दुबई से लौटते ही 8.30 करोड़ की कपड़ा ठगी का मास्टरमाइंड पवन चांडक गिरफ्तार,
भरोसा जीतकर कारोबारियों से करता था करोड़ों की ठगीहरप्यारी एक्सपोर्ट और राधिका इम्पोर्ट एंड एक्सपोर्ट के जरिए कारोबारियों को जाल में फंसाने का आरोप, फलोदी निवासी पवन चांडक से पूछताछ में 20 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद

जयपुर। करीब 8.30 करोड़ रुपये की चर्चित कपड़ा ठगी के मामले में जयपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहा कथित मास्टरमाइंड पवन चांडक दुबई से भारत लौटते ही जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया। मुहाना थाना पुलिस ने एयरपोर्ट पर पहले से जाल बिछाकर उसे हिरासत में लिया। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अपनी पत्नी के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से देश के विभिन्न राज्यों के कपड़ा कारोबारियों को निशाना बनाता था। पुलिस का अनुमान है कि दर्ज एफआईआर में 8.30 करोड़ रुपये की ठगी का मामला है, लेकिन पूरे नेटवर्क की जांच में 20 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी सामने आने की संभावना है।
पुलिस के अनुसार पवन चांडक मूल रूप से राजस्थान के फलोदी जिले के मनोता गांव का निवासी है। उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर हरप्यारी एक्सपोर्ट तथा राधिका इम्पोर्ट एंड एक्सपोर्ट समेत विभिन्न फर्मों के नाम पर कारोबार शुरू किया। दोनों पहले नए शहर में अपनी फर्म स्थापित करते, छोटे-छोटे व्यापार कर समय पर भुगतान करते और बाजार में विश्वसनीयता बनाते थे। जब व्यापारियों का भरोसा पूरी तरह जीत लेते, तब करोड़ों रुपये का कपड़ा और अन्य माल उधार में उठा लेते थे।
![]()
जांच में सामने आया है कि करोड़ों रुपये का माल लेने के बाद आरोपी दंपति अचानक अपने मोबाइल बंद कर कार्यालय खाली कर देता था और शहर छोड़कर फरार हो जाता था। जब तक व्यापारी हकीकत समझ पाते, तब तक आरोपी का कोई सुराग नहीं मिलता था। इसी तरीके से कई राज्यों के व्यापारियों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने का आरोप है।
मामले की शुरुआत जयपुर के एक कपड़ा व्यापारी की शिकायत से हुई, जिसने आरोप लगाया कि पवन चांडक ने करीब 8.30 करोड़ रुपये का कपड़ा उधार लिया, लेकिन तय समय पर भुगतान नहीं किया और संपर्क पूरी तरह समाप्त कर दिया। इसके बाद मुहाना थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने विभिन्न फर्मों के नाम पर बैंकों से बिजनेस लोन और कैश क्रेडिट (सीसी) लिमिट का लाभ तो नहीं लिया। बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है ताकि ठगी की वास्तविक राशि और आर्थिक नेटवर्क का पूरा खुलासा किया जा सके।
जांच एजेंसियों के अनुसार पवन चांडक और उसकी पत्नी के खिलाफ केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु सहित कई राज्यों में भी आर्थिक अपराध और धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। विभिन्न राज्यों की पुलिस से भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि सभी मामलों को एक साथ जोड़कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
मुहाना थाना पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में आरोपी के अन्य सहयोगियों, ठगी की रकम के निवेश, विदेश भागने में मदद करने वालों और पूरे गिरोह से जुड़े कई अहम राज सामने आएंगे। साथ ही आशंका जताई जा रही है कि अभी कई पीड़ित कारोबारी सामने आना बाकी हैं। इसलिए पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ ठगी की कुल रकम और पीड़ितों की संख्या दोनों में बड़ा इजाफा हो सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपी की पत्नी सहित अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है।



