बार-बार की बाढ़ से परेशान सूरत के परवत क्षेत्र के लोग आंदोलन के मूड में
10 वर्षों से जलभराव की समस्या बरकरार, समाधान नहीं होने पर भूख हड़ताल और गांधीनगर तक रैली की चेतावनी

सूरत। जुलाई महीने में तीन बार आई खाड़ी बाढ़ (जलभराव) और नालों का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित सूरत के परवत, मगोब एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। पहले परवत क्षेत्र की सोसायटियों और मगोब इंडस्ट्रियल एस्टेट के उद्यमियों ने विरोध दर्ज कराया था, वहीं अब परवत एवं आसपास की 15 से अधिक आवासीय सोसायटियों के सैकड़ों रहवासी भी एकजुट होकर आंदोलन की राह पर उतर आए हैं।
‘मीठी खाड़ी पूरग्रस्तों के हक का आंदोलन’ के बैनर तले आयोजित बैठक में ऋषिविहार, माधवबाग, सत्यम अपार्टमेंट, कैलाशनगर, श्रीवर्धन, वीरदर्शन, नंदनवन रो-हाउस सहित 15 से अधिक सोसायटियों के करीब 400 से ज्यादा लोग शामिल हुए। बैठक में स्थानीय नागरिकों ने पिछले 10 वर्षों से लगातार हर वर्ष जलभराव और खाड़ी बाढ़ की समस्या झेलने पर गहरी नाराजगी जताई।
रहवासियों का कहना है कि जुलाई में तीन बार आई बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया और अब स्थायी समाधान के बिना वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि अगले दो दिनों में सूरत के महापौर, नगर आयुक्त और जिला कलेक्टर को बाइक रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में प्रशासन ने ठोस और स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई नहीं की, तो भूख हड़ताल शुरू की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर गांधीनगर तक रैली और बड़ा आंदोलन भी किया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से केवल आश्वासन मिलते रहे हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी योजना लागू नहीं की गई है।



