89 लाख रुपये की ठगी मामले में आरोपी राजकुमार जोशी की जमानत अर्जी खारिज
पूर्व नियोजित साजिश रचकर माल खरीदने वाले आरोपी को जेल से रिहा करने से अदालत का इनकार

सूरत।सूरत के भाठेना क्षेत्र में “रीची जो” फर्म के नाम पर व्यापारियों से करीब ₹89,14,305 की ठगी करने के मामले में आरोपी राजकुमार जोशी की जमानत अर्जी सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी है।
प्रकरण के अनुसार, आरोपियों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत व्यापारियों का विश्वास जीतने के लिए शुरुआत में मामूली भुगतान किया और इसके बाद बड़े पैमाने पर ग्रे कपड़े का माल खरीदा। लाखों रुपये का माल लेने के बाद आरोपियों ने न तो भुगतान किया और न ही संपर्क में रहे। दुकान और मकान बंद कर वे फरार हो गए। इससे पीड़ित व्यापारी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
इस मामले में शिकायतकर्ता व्यापारी ने सलाबतपुरा पुलिस स्टेशन में “रीची जो” फर्म के मालिक मयंक राजकुमार जोशी, राजकुमार जोशी तथा उनके दलाल हितेश के खिलाफ ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। गिरफ्तार आरोपी राजकुमार जोशी ने सत्र न्यायालय में जमानत के लिए आवेदन किया था।
सरकार की ओर से एपीपी अरविंद वसोया तथा मूल शिकायतकर्ता की ओर से एडवोकेट सागर पी. मोदी ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि आरोपी पिछले दो वर्षों से फरार था और उसके खिलाफ अन्य पुलिस थानों में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। साथ ही, जमानत मिलने पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई गई।
सत्र न्यायालय ने मामले की गंभीरता और जांच के संवेदनशील चरण को ध्यान में रखते हुए आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत के इस फैसले से व्यापारियों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश गया है।



