
सूरत कमर्शियल कोर्ट सूरत में साड़ी व्यापार से जुड़े एक महत्वपूर्ण वसूली मामले में अदालत ने सूरत के व्यापारी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए तमिलनाडु के कारोबारी को 19.75 लाख रुपये ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। मामले में वादी पक्ष की ओर से एडवोकेट वी.वी. देसाई ने पैरवी की।
मामले के अनुसार, सूरत के रिंग रोड स्थित सिल्क सिटी मार्केट में संचालित “ममता साड़ीज़” के पावर ऑफ अटॉर्नी धारक अशोककुमार सांवरमल अग्रवाल ने तमिलनाडु के पनरुट्टी निवासी त्यागराज, प्रोप्राइटर “संगम सिल्क साड़ीज” के खिलाफ बकाया राशि की वसूली हेतु वाद दायर किया था।
अदालत में पेश तथ्यों के अनुसार जनवरी से मई 2024 के दौरान प्रतिवादी ने उधार में विभिन्न बिलों के माध्यम से कुल 20,55,194 रुपये की साड़ियों की खरीदारी की थी। इसके बदले केवल 79,973 रुपये का भुगतान 13 जुलाई 2024 को किया गया, जबकि 19,75,221 रुपये की राशि बकाया रह गई।
वादी पक्ष ने बताया कि तय शर्तों के अनुसार 30 दिनों के भीतर भुगतान किया जाना था और देरी होने पर 24 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लागू होना था। कई बार मांग करने के बावजूद भुगतान नहीं होने पर वादी ने पहले डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी, सूरत में प्री-लिटिगेशन प्रक्रिया शुरू की, लेकिन प्रतिवादी उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद मामला कमर्शियल कोर्ट में दायर किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी अनुपस्थित रहा और अदालत ने एकतरफा (Ex-Parte) सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि वादी 19,75,221 रुपये की मूल राशि प्राप्त करने का हकदार है। हालांकि अदालत ने 24 प्रतिशत ब्याज की मांग स्वीकार नहीं की और वादी को केस दाखिल होने की तारीख से वास्तविक भुगतान तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया।
कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि वादी मुकदमे के खर्च एवं मेडिएशन फीस प्राप्त करने का भी अधिकारी होगा। यह फैसला 5 मई 2026 को खुले न्यायालय में सुनाया गया।




