जैन समाज की धरोहर व इतिहास के प्रचार हेतु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहल — जैन संतों से सूरत में हुआ महत्वपूर्ण समन्वय

सूरत।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा जैन समाज के इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक धरोहर को देशभर में व्यापक स्तर पर प्रसारित करने हेतु महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस संदर्भ में सूरत प्रवास के दौरान संघ और जैन समाज के प्रतिनिधियों के बीच बैठक आयोजित हुई, जिसमें जैन संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने और समाज में बढ़ते पश्चिमी प्रभाव व पारिवारिक विघटन जैसी चुनौतियों पर विमर्श किया गया।
RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा जैन समाज के सभी सम्प्रदायों एवं गच्छाधिपतियों को एक मंच पर लाने के लिए समन्वय समिति गठित की गई है। इस समिति के संयोजक केंद्रीय समन्वयक श्री आशुतोष भटनागर हैं, जबकि प्रमुख जैन विद्वान एवं खरतरगच्छ सुश्रावक श्री ज्योति कुमार कोठारी (जयपुर) को इसमें केंद्रीय सदस्य, विमर्श के रूप में महत्वपूर्ण दायित्व दिया गया है। यह जैन समाज के लिए गौरव का विषय है।पिछले छह महीनों में ज्योति भाई कोठारी ने विभिन्न गच्छाधिपतियों से मिलकर मजबूत समन्वय स्थापित किया है। जैन गुरुभगवंतों के मार्गदर्शन में जैन इतिहास व संस्कृति को जन–जन तक पहुँचाने हेतु अध्ययन–सामग्री (सिलेबस) तैयार की जा रही है, जिसे शिक्षा मंत्रालय तक पहुंचाकर पाठ्यक्रम में शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा।
सूरत प्रवास के दौरान कुशलकांति खरतरगच्छ संघ पाल में विराजित साध्वी श्री सौम्यगुणा जी म.सा. से इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन प्रदान किया। संघ पाल ने भी तन–मन–धन से सहयोग की प्रतिबद्धता जताई।आज आचार्य शिव मुनि जी,गच्छाधिपति अभयदेव सूरी जी,गच्छाधिपति यशोविजय सूरी जी एवं आचार्य श्री पीयूषसागर सूरी जी सहित अन्य संतों से भी मुलाकात का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।सूरत से आरएसएस टोली सदस्यों में कैलाश भाई , केतन शाह,सूरत प्रचारक डॉ. प्रतीकभाई,कुशलकांति संघ के अध्यक्ष घेवर मरडिया,सचिव नरपत मंडोरा,केयुप अध्यक्ष नरेश मंडोरा एवं केयुप राष्ट्रीय सदस्य गौतम जैन उपस्थित रहे। आयोजन में खरतरगच्छ संघ द्वारा भोजन की व्यवस्था की गई।गौरतलब है कि आगामी दिनों में खरतरगच्छ के श्री जिनदत्त सूरी चादर महोत्सव में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उपस्थित रहने की सम्भावना व्यक्त की गई है, जो जैन समाज के लिए महत्वपूर्ण अवसर होगा




