भगवान महावीर की अंतिम देशना में छुपा है जीवन का सार-खरतरगच्छाधिति
जीवन का सार,अच्छे हो संस्कार-आचार्य जिनमणिप्रभसूरीश्वर

सिद्धितप की तपस्या की पहली सीढी सम्पन्न हुई
बाड़मेर । जिस तरह नींव कमजोर होने पर सुन्दर घर में जल्द ही ढह जाता है। ठीक उसी तरह जीवन में भी आपका धर्म एवं कर्म कमजोर होगा तो वो जीवन भी लम्बा नही चल पाता है। उसमें दुख, दर्द, समस्याएं, परेशानियों की वजह से नींव का कमजोर होना। ये बात दैनिक प्रवचन माला के दौरान गुरूवार को कोटड़िया-नाहटा ग्राउण्ड स्थित सुधर्मा प्रवचन वाटिका में खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्रीजिनमणिप्रभसूरीश्वर म.सा. आदि ठाणा की पावन निश्रा व बहिन म.सा. साध्वी विधुत्प्रभा श्री के पावन सानिध्य में चल रहे संघशास्ता वर्षावास 2025 में आचार्य श्री ने सम्बोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि आप स्वयं सोचे जब आप परेशान होते तब कैसा सोचते है, खुश हो तो कैसे भाव होते हैं, ये चेहरा वही है पर ये बदल जाते है। भगवान महावीर की अन्तिम देशना में उन्होंने यही कहा कि नींव मजबुत रखिएं। इन्सान की नींव है धर्म और धर्म से संस्कार निकलते है। संस्कार अच्छे हो तो नींव मजबुत हो जाती है। हम कितने भाग्यशाली है कि हमें भगवान महावीर का शासन मिला है। भगवान महावीर ने जीव मात्र को जीने का बोलते हुए कहा कि अहिंसा परमों धर्म चिंटी में भी उतना ही जीव है जितना आप में है तो आप उसे कैसे परेशान कर सकते हो। कोई आपको पिन चुभाएं तो आपको दर्द नही होगा। ठीक उसी प्रकार आप दर्द सहन नही कर सकते तो आप किसी को दर्द देने का भी अधिकार नही है। हम उस भगवान महावीर के शासन में जिन्होंने सैकड़ो वर्ष पूर्व कह दिया था कि पानी में भी जीव है। आखिर वैज्ञानिकों ने भी माना कि हा पानी में भी जीव है। इसलिए नींव को मजबुत करने का कारण है कि उपयोगिता को समझे व्यर्थ ना जाने दे। आवश्यकता अनुसार उपयोग करें।

खरतरगच्छ संघ चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष अशोक धारीवाल व ट्रस्टी अशोक भूणिया ने बताया कि कमेटी के तत्वावधान में गुरूवार को दादा जिनदतसूरी तप के 300 तपस्वियों के उपवास की तपस्या रही और आज शुक्रवार को होगा बियासने का पारणा। गुरूवार को सिद्धितप के तपस्वियों के बियासने का पारणा हुआ। चातुर्मास कमेटी के पवन छाजेड़ ठकोनी व मीडिया संयोजक कपिल मालू ने बताया कि कल शनिवार को प्रश्नोत्तरी प्रवचन आयोजित होगा, जिसमें प्रत्येक संघ के व्यक्ति के प्रश्न का जवाब दिया जायेगा, जिसका पेटिका सुधर्मा प्रवचन वाटिका में रखा गया है। आराधना भवन में बहिन म.सा. साध्वी डाॅ. विधुत्प्रभाश्री की निश्रा प्रतिदिन स्वाध्याय शिविर चालू है।

रात्रि में 09.00 बजे से 09.45 बजे तक साधु भगवंत की निश्रा में शासन वर्सेज साइंस युवाओं की प्रशिक्षण प्रारम्भ है। गुरूवार को तेले की तपस्या सुशीलादेवी लूणकरण बोथरा की रही और लड़ी आयंबिल की तपस्या शांतिदेवी रतनलाल बोथरा का रही। गन्टूर से केयुप अध्यक्ष राजेश बाफना़ गुरूदेव के दर्शन को पधारें कमेटी की ओर से लाभार्थी परिवारों द्वारा अभिनन्दन किया गया। सिद्धितप की तपस्या की पहली सीढी सम्पन्न हुई।




