
सूरत। चीन के शंघाई में हाल ही में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सिविंग मशीनरी एंड एक्सेसरीज एक्सपो में सूरत के कपड़ा व्यापारियों ने स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़ी मात्रा में मशीनरी के ऑर्डर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, खासकर एम्ब्रॉयडरी, वीविंग और स्टिचिंग क्षेत्रों में लगभग 1200 करोड़ रुपये के चाइनीज मशीनरी ऑर्डर इस अवसर पर चीन की कंपनियों को दिए गए।
सूत्रों के मुताबिक, टेक्सटाइल क्षेत्र में चीन की मशीनरी की मांग काफी समय से बनी हुई है, और दक्षिण गुजरात विशेषकर सूरत के उद्योग में एम्ब्रॉयडरी, स्टिचिंग, वीविंग और निटिंग जैसी आधुनिक टेक्नोलॉजी वाली मशीनों का व्यापक उपयोग किया जाता है। शंघाई एक्सपो में सूरत से लगभग 700 से अधिक टेक्सटाइल व्यापारियों ने भाग लिया।
व्यापारियों ने बताया कि चीन द्वारा इस एक्सपो में भारत के प्रसिद्ध जर्दोशी वर्क के लिए विशेष मशीनों का प्रदर्शन किया गया। इन मशीनों से सूरत के टेक्सटाइल सेक्टर में नई संभावनाएं खुलती हैं और जर्दोशी वर्क के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी आधारित विकास को बढ़ावा मिलेगा।
व्यापारी इस बड़े ऑर्डर के पीछे मुख्य कारण के रूप में आगामी वर्ष से लागू होने वाले ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) नियमों का हवाला दे रहे हैं। यदि BIS का यह लागूकरण हो जाता है, तो चीन से मशीनरी आयात करना कठिन हो जाएगा। इस वजह से व्यापारियों ने वर्तमान में ही बड़ी मात्रा में मशीनरी खरीदने का निर्णय लिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि चीन की मशीनरी और उसमें मौजूद आधुनिक टेक्नोलॉजी सूरत के टेक्सटाइल व्यापार के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी और स्थानीय उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती देने में मदद करेगी।




