जैन साधु-साध्वियों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत के विरोध में सूरत में विशाल मौन रैली
5 हजार से अधिक समाजजन हुए शामिल, फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा की मांग

सूरत। मध्यप्रदेश के रीवा में कथित सुनियोजित सड़क दुर्घटना में आचार्य विद्यासागर जी महाराज के शिष्य दिगंबर जैन समाज की साध्वी श्रुतमति माताजी और उपशम माताजी के निधन तथा राजकोट जिले के चोटीला में सड़क दुर्घटना में पन्यास श्री ओंकारशेखर विजय जी महाराज के निधन के विरोध में शुक्रवार को सूरत में विशाल मौन रैली निकाली गई। जैन समाज ने इन घटनाओं को अत्यंत गंभीर बताते हुए देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू किए हैं।
इसी क्रम में सूरत महानगर क्षेत्र के दिगंबर, श्वेतांबर, स्थानकवासी और तेरापंथी सहित समस्त जैन समाज के संयुक्त तत्वावधान में 29 मई 2026 की सुबह विशाल मौन रैली का आयोजन किया गया। रैली पार्ले प्वाइंट स्थित सरगम शॉपिंग सेंटर से प्रारंभ होकर शांतिपूर्वक कलेक्टर कार्यालय पहुंची।

रैली में पुरुष सफेद पैंट-शर्ट तथा महिलाएं नारंगी रंग की साड़ियों में शामिल हुईं। बड़ी संख्या में समाजजन अनुशासित ढंग से मौन रैली में शामिल हुए। कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में मांग की गई कि रीवा दुर्घटना मामले के मुख्य आरोपियों तथा अपराध में सहयोग करने वाले सभी लोगों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोरतम सजा दी जाए। इसके साथ ही भारत सरकार से देशभर में पदयात्रा एवं विहार करने वाले साधु-संतों और साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष कानून बनाने की भी मांग की गई, ताकि वे सुरक्षित वातावरण में धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित के कार्यों में अपना योगदान दे सकें।
आयोजकों के अनुसार, मौन रैली में जैन समाज के 5 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया और समाज की एकजुटता तथा साधु-साध्वियों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की।


