
सूरत। शहर में हुई भारी बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आए ज्वारीय बाढ़ के कारण हुए व्यापक नुकसान के बाद शनिवार को सर्किट हाउस में डिप्टी मुख्यमंत्री हर्ष संघवी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रभारी एवं वित्त मंत्री कनुभाई देसाई तथा केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में पिछले तीन दिनों से चल रहे राहत, सर्वे और पुनर्वास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने कहा कि राज्य सरकार, जिला प्रशासन और सूरत महानगरपालिका बाढ़ प्रभावित नागरिकों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी प्रभावित परिवार सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहेगा और सभी जरूरतमंदों तक जल्द से जल्द घरेलू उपयोग की राहत सामग्री पहुंचाई जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए बताया कि क्षेत्रवार नोडल अधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। साथ ही नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए विशेष फिजिकल सर्वे भी कराया जा रहा है, जिसे रविवार शाम तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में बताया गया कि प्रशासन युद्धस्तर पर राहत कार्य चला रहा है और अब तक 3,300 से अधिक प्रभावित लोगों को राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। वहीं, भारी बारिश और बाढ़ की परिस्थितियों का वैज्ञानिक अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञों की अलग टीम भी गठित की गई है। नुकसान का विस्तृत और आधिकारिक आंकड़ा जिला प्रशासन द्वारा सर्वे पूरा होने के बाद जारी किया जाएगा।
बैठक में सांसद, विधायक, जिला कलेक्टर, नगर आयुक्त, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तथा सूरत महानगरपालिका के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।




