
सूरत। हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ से सूरत शहर तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हुए व्यापक नुकसान के बाद राज्य सरकार ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी ला दी है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि मुख्यमंत्री जल्द ही बाढ़ प्रभावित नागरिकों, व्यापारियों और लघु उद्योगों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा करेंगे। यह पैकेज विस्तृत सर्वे रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया जाएगा।
हर्ष संघवी ने बताया कि अगले तीन दिनों में सभी प्रभावित क्षेत्रों का डोर-टू-डोर सर्वे शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा। सर्वे पूरी पारदर्शिता और सूक्ष्मता से किया जा रहा है ताकि कोई भी पात्र परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रहे। सर्वे रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपे जाने के बाद राहत पैकेज की औपचारिक घोषणा होगी तथा आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद पहले चरण का सफाई अभियान पूरा हो चुका है। अब महामारी की आशंका को देखते हुए दूसरे चरण का व्यापक सफाई अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को नकद सहायता और आवश्यक घरेलू सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि सभी प्रभावित नागरिकों तक मूलभूत सुविधाएं और सरकारी सहायता समय पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि आवासीय क्षेत्रों के साथ छोटे व्यापारियों, गोदामों और औद्योगिक इकाइयों को हुए नुकसान का भी अलग से आकलन किया जा रहा है, ताकि पुनर्वास पैकेज में उनके लिए विशेष प्रावधान किए जा सकें।
इस अवसर पर उन्होंने वराछा को-ऑपरेटिव बैंक की पहल की सराहना करते हुए बताया कि बैंक ने बाढ़ प्रभावित नागरिकों और व्यापारियों के लिए मात्र 9 प्रतिशत ब्याज दर पर पांच लाख रुपये तक का विशेष “बाढ़ ऋण” उपलब्ध कराने की घोषणा की है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार, प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से सूरत जल्द ही सामान्य स्थिति में लौट आएगा।




