पानी उतरते ही बाइक लेने पहुंचे बाढ़ पीड़ितों पर चालान, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
मुसीबत में मदद की जगह थमाया मेमो, वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश
सूरत। हाल ही में हुई भारी बारिश और जलभराव के दौरान पांडेसरा पुलिस कॉलोनी तथा आसपास के इलाकों में कई फीट पानी भर जाने से बड़ी संख्या में लोगों को अपनी जान बचाने के लिए बाइक और स्कूटर सड़क किनारे छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। पानी उतरने के बाद जब लोग अपने वाहन लेने पहुंचे, तो वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों द्वारा कथित रूप से चालान काटकर मेमो थमा दिए गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि एक जागरूक नागरिक ने मौके का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। वायरल वीडियो में कुछ ट्रैफिक पुलिसकर्मी बाढ़ जैसी आपदा में फंसे लोगों की मजबूरी समझने के बजाय नियमों का हवाला देकर चालान करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस कार्रवाई की तीखी आलोचना की और इसे अमानवीय बताया।
घटना को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई नागरिकों का कहना है कि यह प्राकृतिक आपदा थी और किसी ने अपनी इच्छा से नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़े नहीं किए थे। ऐसे कठिन समय में पुलिस को लोगों की मदद करनी चाहिए थी, न कि उन पर जुर्माना लगाना चाहिए था।
आक्रोशित नागरिकों ने वायरल वीडियो को राज्य के गृह राज्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को टैग करते हुए मामले की शिकायत की है। लोगों ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, संबंधित ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा बाढ़ पीड़ितों पर लगाए गए चालान तत्काल रद्द किए जाएं।



