
सूरत। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच फिर बढ़े सैन्य तनाव का असर अब सूरत के टेक्सटाइल उद्योग पर भी दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में उछाल के कारण पॉलिएस्टर यार्न के प्रमुख कच्चे माल के दाम बढ़ गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में यार्न की कीमतों में और वृद्धि की आशंका जताई जा रही है।
11 जुलाई 2026 से लागू नई दरों के अनुसार PTA की कीमत 82.90 रुपये प्रति किलो, MEG की 53.80 रुपये प्रति किलो और मेल्ट की कीमत 89.59 रुपये प्रति किलो हो गई है। सबसे अधिक मेल्ट के दाम में 2.32 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे उद्योग में लागत बढ़ने की चिंता गहरा गई है।
वीवर्स नेता ने बताया कि मिडिल ईस्ट में पहले भी युद्ध शुरू होने पर यार्न के कच्चे माल और यार्न दोनों के दाम तेजी से बढ़े थे। हालांकि युद्धविराम के दौरान कच्चे माल के दाम घटे, लेकिन यार्न की कीमतों में उसी अनुपात में कमी नहीं आई। वर्तमान में भी यार्न के दाम लगभग 10.35 रुपये प्रति किलो अधिक बने हुए हैं। उनका कहना है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो यार्न की कीमतों में एक और बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
वहीं, सचिन इंडस्ट्रियल सोसायटी के सचिव मयूर गोलवाला ने कहा कि हाल ही में दक्षिण गुजरात में हुई भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति से वीविंग, प्रोसेसिंग और एम्ब्रॉयडरी उद्योग को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। बारिश के बाद त्योहारी सीजन को देखते हुए बाजार में खरीदारी की रफ्तार बढ़ने लगी थी, लेकिन मिडिल ईस्ट में दोबारा तनाव बढ़ने से व्यापारियों और खरीदारों में अनिश्चितता का माहौल बन गया है, जिससे कारोबार पर फिर ब्रेक लगने की आशंका है।




