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सूरत की राष्ट्रीय लोक अदालत ने रचा इतिहास, न्याय के साथ करोड़ों के समझौते

लगातार पांचवीं बार गुजरात में नंबर-1, चेक बाउंस, दुर्घटना मुआवजा, दीवानी और पारिवारिक विवादों समेत हजारों मामलों का हुआ समाधान

सूरत। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) तथा गुजरात राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), सूरत द्वारा जिले की सभी अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। मुख्य जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राहुल त्रिवेदी के नेतृत्व में सूरत ने लगातार पांचवीं बार राज्य में सबसे अधिक समझौतापूर्ण मामलों के निपटारे में पहला स्थान प्राप्त कर नई उपलब्धि हासिल की।
लोक अदालत से पहले व्यापक जनजागरूकता अभियान, बार एसोसिएशनों की बैठकें, महिला वकील मंडल के कार्यक्रम, छात्र प्रतियोगिताएं और डिजिटल प्रचार के माध्यम से लोगों को समझौता आधारित न्याय के लिए प्रेरित किया गया। डीजीवीसीएल मामलों के लिए विशेष हेल्प डेस्क तथा चेक बाउंस मामलों में विशेष सुलह पीठ भी बनाई गई।
लोक अदालत में चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना मुआवजा, बैंक एवं डीजीवीसीएल बकाया, दीवानी, पारिवारिक, वैवाहिक तथा अन्य समझौतायोग्य मामलों सहित हजारों प्रकरणों का निपटारा किया गया। मोटर दुर्घटना मुआवजे के 223 मामलों में समझौता हुआ, जिनमें बारडोली का 2.70 करोड़ रुपये तथा सूरत का 80 लाख रुपये का मामला प्रमुख रहा।
इसके अलावा चेक बाउंस के 3,504, दीवानी के 1,024 तथा वैवाहिक विवादों के 114 मामलों का भी सफल समाधान हुआ। 20 वर्ष से अधिक पुराने 10 और 10 वर्ष से अधिक समय से लंबित 172 मामलों का निपटारा भी लोक अदालत में किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने भविष्य में भी लोक अदालत एवं वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली के माध्यम से लोगों को त्वरित, सुलभ और किफायती न्याय उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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