
बेंगलुरु। एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के खिलाफ बेंगलुरु के एक व्यवसायी को एक दशक से अधिक समय तक कर भुगतान के फर्जी रिकॉर्ड बनाकर और वैधानिक बकाया के नाम पर उससे अधिक शुल्क वसूल कर 1.81 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
मानव संसाधन परामर्श फर्म चलाने वाले गोपाल के. सलूजा ने आरोप लगाया कि उन्होंने 2008 में ऋषि जैन को अपने वित्तीय और कराधान मामलों को संभालने के लिए नियुक्त किया था, जिसमें आयकर और जीएसटी फाइलिंग शामिल हैं । एफआईआर के अनुसार, एचएसआर लेआउट निवासी सलूजा को कराधान प्रक्रियाओं की सीमित जानकारी थी और उसने खातों के रखरखाव व रिटर्न दाखिल करने व आयकर व जीएसटी विभागों को भुगतान करने की पूरी जिम्मेदारी जैन को सौंप दी थी
खबर के मुताबिक, जैन ने व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए उनसे संपर्क किया और जरूरत के हिसाब से दस्तावेज और भुगतान एकत्र किए।
जुलाई 2025 में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए किए गए ऑडिट के दौरान कथित धोखाधड़ी का खुलासा हुआ, जब खातों में अनियमितताएं पाई गईं। पुलिस ने बताया कि विस्तृत जांच में पता चला कि जैन ने सुनियोजित तरीके से धन का दुरुपयोग किया था।
पुलिस ने आगे कहा कि जैन ने कथित तौर पर एक ही मूल्यांकन अवधि के लिए वास्तविक कर देयता से लगभग 13 लाख रुपये अधिक एकत्र किए थे और 10.65 लाख रुपये के फर्जी “आयकर भुगतान” चालान जमा किए थे, जो कथित तौर पर एक राष्ट्रीयकृत बैंक द्वारा जारी किए गए थे और जिन पर जाली मुहरें लगी थीं।पिछले 10 वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड से पता चलता है कि आरोपी ने आयकर, जीएसटी और अन्य वैधानिक भुगतानों के नाम पर लगभग 1.81 करोड़ रुपये की अधिक वसूली की।
शिकायत के आधार पर, एचएसआर लेआउट पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, और चल रही जांच के तहत आरोपी को नोटिस जारी किया जाएगा।




