अवध-2 मार्केट से 12.57 लाख की कपड़ा ठगी का मुख्य आरोपी मदुरै तमिलनाडु से गिरफ्तार
विश्वास जीतकर उधार माल लिया, भुगतान नहीं किया; मारोली पुलिस की कार्रवाई, अन्य आरोपी फरार

सूरत।सारोली पुलिस थाना क्षेत्र ले अवध-2 मार्केट के कपड़ा व्यापारी से 12,57,587 रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को तमिलनाडु के मदुरै से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले समय पर भुगतान कर विश्वास जीता और बाद में लाखों का माल लेकर फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार मुक़ेशभाई हरिचंद्र अग्रवाल, “योगी इम्पेक्स”, दुकान नंबर 3035, अवध-2 टेक्सटाइल मार्केट, सारोली के संचलाल हैं। उन्होंने पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया कि आरोपी दलाल शिवेंद्रसिंह (मालिक, श्री शंकर एजेंसी, मदुरै, तमिलनाडु) तथा अन्य व्यापारियों ने मिलकर उनसे संपर्क किया और कपड़ा व्यापार शुरू किया।
शुरुआत में आरोपियों ने समय पर भुगतान कर भरोसा जीता। इसके बाद अलग-अलग फर्मों के माध्यम से बड़ी मात्रा में कपड़ा उधार लिया। विवरण के अनुसार—शेखर नाथम (मालिक, वीवीआर गारमेंट, अशोकनगर, नाथम, डिंडीगुल, तमिलनाडु) ने 10/07/2022 से 09/06/2023 के बीच 2,82,551 रुपये का,प्रशांत (मालिक, प्रशांत गारमेंट, बालागुरुनाथन स्ट्रीट, अशोकनगर, डिंडीगुल) ने 27/11/2020 से 03/02/2023 तक 6,89,066 रुपये का,वीरन चेयरियार बालन (मालिक, बाला शर्ट, सेंट्रल सिनेमा क्षेत्र, अशोकनगर) ने 25/08/2022 से 07/11/2022 के बीच 2,87,885 रुपये तथा रवि (मालिक, ए-वन शर्ट, सेंट्रल सिनेमा लाइन, अशोकनगर) ने 19/09/2020 से 19/05/2022 के बीच 57,185 रुपये मिलाकर इन सभी ने कुल 12,57,587 रुपये का माल लिया, लेकिन आज तक भुगतान नहीं किया और बहाने बनाकर टालमटोल करते रहे।
इस संबंध में सारोली पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 409 और 114 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत के निर्देश पर शहर में व्यापारियों के साथ हो रही ठगी के मामलों में सख्त कार्रवाई के तहत जांच तेज की गई।
सारोली पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक एस.आर. वेकरिया के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मानव स्रोतों की मदद से मुख्य आरोपी शिवेंद्रसिंह को मदुरै से गिरफ्तार किया। आरोपी का पूरा नाम शिवेंद्रसिंह पुत्र रघुवीरसिंह, उम्र 53 वर्ष, निवासी अंबूनगर, वेल्लर कॉस रोड, मदुरै (मूल निवासी उत्तर प्रदेश) है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों का तरीका यह था कि वे पहले व्यापारियों से पहचान बढ़ाकर भरोसा जीतते थे, फिर समय पर भुगतान कर विश्वास कायम करते और बाद में बड़ी मात्रा में कपड़ा उधार लेकर भुगतान किए बिना फरार हो जाते।
फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों—शेखर नाथम, प्रशांत, वीरन बालन और रवि—की तलाश में जुटी है। मामले में आगे की जांच जारी है।



