businessTextileक्राइमसूरत सिटी

पीपलोद में कपड़ा कारोबारियों से 97 लाख रुपये की ठगी, दलाल और व्यापारी दुकानें बंद कर फरार

शुरुआत में 6.50 लाख रुपये का भुगतान कर जीता भरोसा, बाद में लाखों का ग्रे कपड़ा लेकर गायब हुए आरोपी

सूरत। पीपलोद क्षेत्र के दो कपड़ा कारोबारियों के साथ करीब 97 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आने से कपड़ा बाजार में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि दलालों और व्यापारियों के एक गिरोह ने लाखों रुपये का ग्रे कपड़ा उधार में मंगवाया और भुगतान का समय आने पर दुकानें बंद कर फरार हो गए।

पीपलोद निवासी निशिथभाई योगेशचंद्र गुलाटी ने डुमस पुलिस थाने में दो कपड़ा दलालों और छह व्यापारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। निशिथभाई करंज और किम में लूम्स के कारखाने संचालित करते हैं तथा अपनी पत्नी अमिताबेन के साथ आकाश पॉलिएस्टर्स प्राइवेट लिमिटेड और बीको ट्विटेक्स लिमिटेड में निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। वे डुमस रोड स्थित कार्यालय से ग्रे कपड़े का बड़ा कारोबार करते हैं।

शिकायत के अनुसार, जनवरी 2025 में कपड़ा दलाल विजेंद्र शर्मा ने कंपनी के सेल्समैन से संपर्क कर सुदर्शन फैशन के संचालक मोतीलाल सैनी के साथ व्यापार शुरू कराया। समय पर भुगतान का भरोसा दिलाए जाने पर करीब 17 लाख रुपये का ग्रे कपड़ा उधार भेजा गया।

इसके बाद फरवरी 2025 में विजेंद्र शर्मा की पहचान के माध्यम से दलाल विक्की मेहता बाजार में सक्रिय हुआ। विक्की मेहता ने व्यक्तिगत रूप से भुगतान की जिम्मेदारी लेते हुए पूजा आर्ट के सुभाष जैन, नव फर्म के चंद्रप्रकाश वैष्णव, तान्या टेक्सटाइल के मनीष कुमार शुक्ला, वामन फैशन के बस्तीराम सरगरा और अजय क्रिएशन के अजय दायमा के साथ व्यापार शुरू कराया। इन सभी पार्टियों को अलग-अलग चरणों में लाखों रुपये का ग्रे कपड़ा उधार सप्लाई किया गया।

व्यापारियों ने शुरुआत में मात्र साढ़े छह लाख रुपये का भुगतान कर शिकायतकर्ता का विश्वास जीत लिया। लेकिन जब बकाया भुगतान का समय आया तो अजय क्रिएशन के मालिक द्वारा दिए गए चेक बैंक से बाउंस हो गए। अन्य व्यापारियों ने भी भुगतान टालने के लिए बहाने बनाने शुरू कर दिए।

जांच में सामने आया कि आर्थिक लाभ प्राप्त करने के लिए यह पूरी साजिश पहले से रची गई थी। सभी आरोपी व्यापारी सूरत टेक्सटाइल मार्केट स्थित अपनी दुकानें रातोंरात बंद कर मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर फरार हो गए। दलाल विक्की मेहता भी अपना मोबाइल बंद कर गायब हो गया।

बाजार में पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी मिली कि उक्त गिरोह ने अन्य कई व्यापारियों के साथ भी इसी प्रकार करोड़ों रुपये की उठामण (उधारी लेकर भुगतान न करना) की वारदातों को अंजाम दिया है।

कुल 1,03,79,325 रुपये मूल्य के माल के मुकाबले आरोपियों ने केवल आंशिक भुगतान किया और शेष 96,94,481 रुपये की राशि हड़पकर धोखाधड़ी की। इसके बाद पीड़ित व्यापारी ने डुमस पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की आगे की जांच इको सेल द्वारा की जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button