खाड़ी बाढ़ की स्थायी समस्या के समाधान की मांग को लेकर प्रभावित महिलाओं का प्रदर्शन
हर वर्ष मानसून में बाढ़ से लाखों रुपये का नुकसान झेल रहे लोगों ने खोला मोर्चा, प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी

सूरत। सूरत के परवत पाटिया क्षेत्र में खाड़ी बाढ़ की लगातार बनी हुई समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। गुरुवार को प्रभावित महिलाओं ने स्थायी समाधान की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून के दौरान खाड़ी में आने वाली बाढ़ से घरों में पानी भर जाता है, जिससे घरेलू सामान नष्ट हो जाता है और लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा महंगे दोपहिया और चारपहिया वाहन भी गंदे पानी में डूबकर खराब हो जाते हैं। जुलाई 2026 में एक ही महीने में दो बार खाड़ी बाढ़ आने से लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है।
ऋषि विहार, सत्यम, शिवम, सुंदरम, माधवबाग, नंदनवन, वृंदावन, श्री वर्धन रो-हाउस, रणछोड़ नगर, शांतिनगर, गणेश नगर और एस.के. नगर सहित कई सोसायटियों के निवासियों ने प्रदर्शन में भाग लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
प्रभावित नागरिकों का आरोप है कि टेक्सटाइल मार्केट के कारण खाड़ी पर बड़े पैमाने पर अवैध अतिक्रमण हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। वहीं, वालक खाड़ी को डायवर्ट करने के फैसले को भी लोगों ने गलत बताते हुए कहा कि इससे शहर के बड़े हिस्से में बाढ़ की समस्या और गंभीर हो गई है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन जल्द ही खाड़ी बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान नहीं करता और प्रभावी कदम नहीं उठाता, तो स्थानीय नागरिक व्यापक और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।




