माहेश्वरी शिक्षण संस्थान की तीसरी बड़ी स्कूल का भूमि शुद्धिकरण सम्पन्न
खरवासा-डिंडोली में 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ, नो डोनेशन व उचित फीस पर होगा संचालन

सूरत। माहेश्वरी समाज द्वारा शिक्षा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए खरवासा (डिंडोली) क्षेत्र में माहेश्वरी शिक्षण संस्थान की तीसरी बड़ी स्कूल के निर्माण की दिशा में पहल की गई है। रविवार को प्रस्तावित स्कूल परिसर में सुंदरकांड पाठ एवं विधिवत भूमि शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें समाज के गणमान्यजन, ट्रस्ट पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे।
माहेश्वरी शिक्षण संस्थान ट्रस्ट के सचिव श्याम राठी ने बताया कि नई स्कूल में माहेश्वरी समाज के साथ-साथ अन्य समाजों के लगभग 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। ट्रस्ट का उद्देश्य शिक्षा को सेवा भाव से जोड़ते हुए उचित फीस एवं “नो डोनेशन” नीति के तहत विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में संस्थान द्वारा संचालित माहेश्वरी विद्यापीठ एवं माहेश्वरी पब्लिक स्कूल में भी विद्यार्थियों को उचित फीस में उत्कृष्ट शिक्षा दी जा रही है। इसी कड़ी में सूरत शहर की तीसरी बड़ी स्कूल खरवासा-डिंडोली क्षेत्र में शुरू की जा रही है, जिससे तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
संस्थान के अध्यक्ष शंकरलाल, सचिव श्याम राठी एवं किशनलाल ने नई स्कूल परियोजना को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हुए समाज के सभी लोगों से शिक्षा क्षेत्र में सहयोग व सहभागिता का आह्वान किया। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने कहा कि संस्थान “नो प्रॉफिट-नो लॉस” के सिद्धांत पर कार्य करते हुए विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक संस्कार भी प्रदान करेगा।
कार्यक्रम में मुख्य दानदाता मदनलाल किशनलाल कोठारी (चेन्नई-जैसलमेर) का विशेष योगदान उल्लेखनीय रहा। ट्रस्ट द्वारा शिक्षा क्षेत्र में लगातार किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उपस्थित समाजजनों ने नई स्कूल को समाज और शहर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।



