इंपोर्ट-एक्सपोर्ट में सफलता के लिए सही प्रोडक्ट चयन और धैर्य जरूरी : SGCCI मेगा मीट में एक्सपर्ट्स की सलाह
युवाओं और व्यापारियों को ग्लोबल बिजनेस के प्रैक्टिकल मंत्र, 968 से अधिक विद्यार्थी अब तक हो चुके प्रशिक्षित

सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) द्वारा सरसाना स्थित सूरत इंटरनेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (SIECC) में ‘मेगा मीट इंपोर्ट-एक्सपोर्ट कोर्स’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवा उद्यमियों, व्यापारियों और इंपोर्ट-एक्सपोर्ट क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
चैंबर द्वारा शुरू की गई इस विशेष ट्रेनिंग सीरीज़ के तहत अब तक 28 बैच पूरे हो चुके हैं और 968 से अधिक विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को वैश्विक व्यापार से जुड़ी व्यवहारिक जानकारी और सफलता के सूत्र बताए।
‘भारत उड़ान मिशन बाय इंपोर्ट एंड एक्सपोर्ट ट्रेनिंग एकेडमी’ के अमितभाई मुलानी ने कहा कि भारत का एक्सपोर्ट लगातार बढ़ रहा है और यह क्षेत्र युवाओं के लिए अपार संभावनाएं लेकर आया है। उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में भारत ने रिकॉर्ड 39 लाख करोड़ रुपये का निर्यात किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये अधिक है।
ICICI बैंक के हार्दिकभाई पटेल ने बैंकिंग और ट्रेड प्रक्रियाओं पर मार्गदर्शन देते हुए कहा कि व्यवसाय का रजिस्टर्ड एड्रेस स्थिर होना चाहिए तथा GST रजिस्ट्रेशन में सही जानकारी देना बेहद जरूरी है। उन्होंने विदेशी कंपनियों की विश्वसनीयता जांचने और अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी से बचने के लिए DNB सर्विस को उपयोगी बताया।
डायनामिक शिपिंग एंड लॉजिस्टिक्स के स्नेहलभाई पटेल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए गुणवत्ता के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स लागत को नियंत्रित करना भी आवश्यक है। वहीं, एसोराज प्राइवेट लिमिटेड के मौलिकभाई भदानी ने युवाओं को सलाह दी कि केवल दूसरों को देखकर प्रोडक्ट का चयन न करें, बल्कि अपनी रुचि और समझ के अनुसार ही व्यापार शुरू करें।
उन्होंने बताया कि सही प्रोडक्ट चुनने में उन्हें चार वर्ष लगे और कंपनी शुरू करने के दो साल बाद पहला विदेशी ऑर्डर मिला। उन्होंने कहा कि एक्सपोर्ट बिजनेस में सफलता के लिए कम से कम पांच वर्षों तक लगातार मेहनत और धैर्य जरूरी है।
कार्यक्रम में लूथरा ग्रुप के चेयरमैन गिरीशभाई लूथरा और ECGC लिमिटेड के सौरभ जैन ने भी आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रेजेंटेशन, कर्मचारियों से मजबूत संबंध तथा IEC और DGFT रजिस्ट्रेशन के महत्व पर प्रकाश डाला।




