दिवाली के बाद 400 करोड़ की नई सड़क परियोजना से शहरवासियों को राहत
केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल के संकेत से महापालिका में सड़क निर्माण में हलचल

वर्षात में सड़कों में गड्डों से परेशान हुवे शहरवासी,इस बीच पाटिल की घोषणा
सूरत। मानसून के दौरान शहर की सड़कों पर गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ मार्गों की शिकायतें लगातार बढ़ी थीं। इस बीच केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने हाल के सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिवाली के बाद 400 करोड़ रुपये की लागत से नई सड़क परियोजना के संकेत दिए, जिसके बाद महापालिका प्रशासन में हलचल मची। मंत्री पाटिल ने पिछले पखवाड़े में दो-तीन कार्यक्रमों में यह स्पष्ट किया कि दिवाली के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू होगा और सड़कें मजबूत व टिकाऊ बनेंगी।
सीसी रोड निर्माण पर विशेष जोर, चौड़ाई के अनुसार शामिल सड़कें
महापालिका सूत्रों के अनुसार, फिलहाल कई सड़क निर्माण कार्य टेंडर प्रक्रिया के अधीन हैं और विशेष तौर पर सीसी रोड (कंक्रीट सड़क) बनाने पर जोर दिया जा रहा है। पहले केवल 36 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों को सीसी रोड में विकसित किया जाता था, लेकिन अब 18, 24 और 30 मीटर चौड़ी सड़कों को भी शामिल किया गया है। सोसाइटी स्तर की जनभागीदारी वाली परियोजनाओं में भी सीसी रोड को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसमें सड़क निर्माण के लिए सीसी या डामर का विकल्प दिया जाएगा।
रांदेर ज़ोन में पहले दो सड़क कार्य, पांच साल का डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड
वर्तमान में रांदेर ज़ोन में दो सीसी रोड के कार्य यूनिट रेट पर आवंटित किए गए हैं, जिनकी अनुमानित लागत 20 से 22 करोड़ रुपये है। इसी तरह आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी कार्य शुरू होंगे। सीसी रोड का डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (DLP) पांच वर्ष का होगा, यानी इस अवधि में सड़क पर गड्ढे या टूट-फूट होने पर जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी और महापालिका पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। डामर सड़क की तुलना में यह अवधि कम होती है।
शहरवासियों को उम्मीद है कि दिवाली के बाद शुरू होने वाली इस परियोजना से अगले वर्ष तक गड्ढों और खराब सड़कों से राहत मिलेगी और सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहेंगी।




