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सूरत टेक्सटाइल मार्केट चुनाव में सत्ता परिवर्तन: धुरंधर धराशायी, प्रगति पैनल की ऐतिहासिक क्लीन स्वीप

रिकॉर्ड 71.85% मतदान ने लिखा नया इतिहास, पुराने दिग्गजों का सफाया; युवा नेतृत्व को व्यापारियों ने सौंपी कमान

सूरत। सूरत टेक्सटाइल मार्केट को-ऑपरेटिव शॉप्स एंड वेयरहाउसेस सोसायटी लिमिटेड की 21 सदस्यीय प्रबंध समिति के 17 सामान्य सदस्यों के लिए शनिवार को हुए चुनाव में व्यापारियों ने बदलाव पर मुहर लगाते हुए प्रगति पैनल को ऐतिहासिक जीत दिलाई। चुनाव परिणाम में प्रगति पैनल के सभी 17 उम्मीदवार भारी मतों से विजयी रहे, जबकि वर्षों से मार्केट की राजनीति में प्रभाव रखने वाले एकता पैनल के सभी दिग्गज नेताओं को करारी हार का सामना करना पड़ा। इसे सूरत टेक्सटाइल मार्केट के चुनावी इतिहास का सबसे बड़ा सत्ता परिवर्तन माना जा रहा है।

रिकॉर्ड मतदान ने बदला चुनावी समीकरण

इस बार चुनाव में व्यापारियों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कुल 990 मतदाताओं में से 711 ने मतदान किया और 71.85 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जो मार्केट के इतिहास का अब तक का सर्वाधिक मतदान है। बुजुर्गों और महिला मतदाताओं ने भी बढ़-चढ़कर मतदान किया। सुबह 10 बजे शुरू हुई मतदान प्रक्रिया शाम 5 बजे शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।

पहले राउंड से ही प्रगति पैनल का दबदबा

711 मतों में से 37 मत रद्द घोषित होने के बाद 674 वैध मतों की गणना हुई। मतगणना के पहले ही राउंड से प्रगति पैनल ने निर्णायक बढ़त बना ली और अंतिम परिणाम तक अपना दबदबा कायम रखा। मनीष कांतिलाल जैन ने सर्वाधिक 491 मत प्राप्त किए। उनके अलावा रंगनाथ सारडा, विकास गुप्ता, किशनसिंह झाला सहित पैनल के सभी प्रत्याशियों ने शानदार जीत दर्ज की।

पुराने दिग्गजों को बड़ा झटका

मार्केट की राजनीति के दिग्गज माने जाने वाले कमल विजय तुलस्यान, राजेंद्र ओरडिया, नरेंद्र साबू, राजेश पमनानी, हरबंस लाल अरोड़ा, जसराज भोगर और गणेश जैन सहित एकता पैनल के सभी प्रमुख उम्मीदवार चुनाव हार गए। चुनाव परिणाम को व्यापारियों ने परिवर्तन की स्पष्ट अभिव्यक्ति माना।

जीत के बाद जश्न, हार के बाद आत्ममंथन

देर रात अंतिम परिणाम घोषित होते ही प्रगति पैनल के विजयी उम्मीदवारों और समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का जश्न मनाया। वहीं, पहले राउंड से पिछड़ने के बाद एकता पैनल के समर्थक धीरे-धीरे मतगणना स्थल से रवाना हो गए। पूर्व अध्यक्ष हरबंस लाल अरोड़ा ने विजयी उम्मीदवारों को बधाई देते हुए मार्केट के विकास के लिए सभी के साथ मिलकर काम करने की बात कही।

व्यापारियों ने बदलाव पर लगाई मुहर

प्रगति पैनल के विजयी उम्मीदवार एवं फोस्टा के पूर्व डायरेक्टर रंगनाथ सारडा ने कहा कि मार्केट में साफ-सफाई, सुरक्षा, पार्किंग, रखरखाव, प्रशासनिक पारदर्शिता और बेहतर व्यवस्थाओं को लेकर व्यापारियों में लंबे समय से असंतोष था। चुनाव प्रचार के दौरान व्यापारियों ने खुलकर बदलाव की इच्छा जताई और मतदान के जरिए उसे साकार किया। उन्होंने कहा कि नई टीम व्यापारियों से किए गए सभी वादों को पारदर्शिता के साथ पूरा करने का प्रयास करेगी।

नई टीम के सामने बड़ी जिम्मेदारियां

नई कार्यकारिणी के सामने अब मार्केट का आधुनिकीकरण, डिजिटल प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, पार्किंग सुविधाओं का विस्तार, रखरखाव में सुधार तथा व्यापारियों की लंबित समस्याओं का समाधान जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी। व्यापारियों को उम्मीद है कि नया नेतृत्व चुनावी वादों को जल्द धरातल पर उतारेगा।

युवा नेतृत्व को मिला अवसर

इस बार चुनाव में प्रगति पैनल की युवा टीम को व्यापारियों का भरपूर समर्थन मिला, जबकि एकता पैनल के लगभग सभी वरिष्ठ नेता चुनाव हार गए। महिला वर्ग से निर्मला प्रकाशचंद जैन और रितिका कुमार छतवानी पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी हैं और अब नई टीम के साथ मार्केट के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

चुनाव अधिकारियों की निष्पक्ष भूमिका की सराहना

चुनाव अधिकारी अशोक जैन, अनिल अग्रवाल और महेंद्र पाल खुराना के लगभग डेढ़ माह के अथक प्रयासों से पूरी चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। सभी प्रत्याशियों एवं सदस्यों ने चुनाव के सफल संचालन के लिए चुनाव अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।                                                                                                                                     

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