भारी वर्षा के बीच धर्ममय बना पर्वत पाटिया, उल्लास के साथ हुआ साध्वी मोक्षांजना श्रीजी का चातुर्मास प्रवेश
आत्मा पर लगे दाग धोने का सुनहरा अवसर है चातुर्मास : साध्वी मोक्षांजना श्रीजी

ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयकारों के बीच निकली भव्य शोभायात्रा, बारिश में भी युवाओं और श्रद्धालुओं का उत्साह रहा चरम पर
सूरत। लगातार हो रही भारी वर्षा के बीच भी श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम बुधवार को पर्वत पाटिया स्थित श्री कुशल दर्शन दादावाड़ी में देखने को मिला, जहां परम पूज्य गुड़ामालानी उद्धारिका एवं नवोदित श्री विचक्षण धाम प्रेरिका सुरंजनाश्री म.सा. की सुशिष्या साध्वीवर्या मोक्षांजना श्रीजी, साध्वी दर्शनांजनाश्रीजी, साध्वी नम्रतांजनाश्रीजी, साध्वी करूणांजनाश्रीजी एवं साध्वी हितांजनाश्रीजी आदि ठाणा-5 का चातुर्मास प्रवेश अत्यंत हर्षोल्लास एवं धर्ममय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
श्री जिनकुशल सूरी बाड़मेर जैन श्री संघ ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेंद्र सेठिया ने बताया कि सुबह दर्शन रेजीडेंसी से प्रारंभ होने वाली शोभायात्रा इंद्रदेव की कृपा स्वरूप हो रही वर्षा के कारण लगभग एक घंटे विलंब से शुरू हुई, लेकिन बारिश भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर सकी। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित श्रावक-श्राविकाएं, विशेषकर युवा वर्ग, बारिश में झूमते हुए ढोल-नगाड़ों की थाप पर जयकारे लगाते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए। पूरे मार्ग में धर्म, भक्ति और उल्लास का अनूठा वातावरण देखने को मिला।

शोभायात्रा में जैन ध्वज, मधुर बैंड, ढोल-नगाड़े तथा विभिन्न मंडलों की महिलाओं द्वारा सोमैया के साथ गुरुवर्या का भव्य स्वागत किया गया। दर्शन रेजीडेंसी स्थित श्री शीतलनाथ मंदिर से प्रारंभ हुई यह शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई श्री कुशल दर्शन दादावाड़ी पहुंची, जहां वह विशाल धर्मसभा में परिवर्तित हो गई।
संघ के सचिव पारसमल हालावाला ने बताया कि चातुर्मासिक समितियों एवं संघ से जुड़े सभी सदस्यों ने प्रवेश की भव्य अगवानी की। वहीं चातुर्मास समिति के अध्यक्ष मुकेश छाजेड़ ने जानकारी दी कि राजस्थान, गुजरात सहित बाड़मेर, सिणधरी, पाल एवं देश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गुरु भक्त इस अवसर पर उपस्थित रहे।
दादावाड़ी एवं श्री मुनिसुव्रत स्वामी मंदिर को आकर्षक रोशनी एवं मनमोहक सजावट से सजाया गया था, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। धर्मसभा के प्रारंभ में भगवान महावीर स्वामी के चित्र के समक्ष ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्षों, वर्तमान पदाधिकारियों एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन किया गया। 
कार्यक्रम के दौरान केएमपी के तीन मंडलों द्वारा सोशल मीडिया की आभासी दुनिया से दूर रहकर वास्तविक जीवन में धर्म, संस्कार एवं पारिवारिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देती हुई प्रभावशाली नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसे उपस्थित जनसमुदाय ने खूब सराहा। वहीं जिनेश्वर ज्ञानशाला के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से गुरुवर्या का अभिनंदन किया।
इस अवसर पर बाड़मेर निवासी मुमुक्षु रुचिका मालू का बाड़मेर जैन श्री संघ द्वारा बहुमान किया गया। उल्लेखनीय है कि उन्हें आगामी 22 सितंबर को तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य महाश्रमणजी के सान्निध्य में दीक्षा प्राप्त होगी।
कार्यक्रम में शासन ध्वज, गुरु पूजन, वधामणा एवं कांबली की बोलियों का लाभ लेने के लिए गुरु भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया। साध्वी श्री नम्रतांजनाश्रीजी एवं साध्वी श्री हितांजनाश्रीजी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में सभी को चातुर्मास के दौरान अधिकाधिक धर्म-ध्यान, तप, स्वाध्याय एवं संयम से जुड़ने का संदेश दिया। 
धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी मोक्षांजना श्रीजी ने कहा कि “चातुर्मास आत्मा पर लगे कर्मों और दोषों के दाग को धोने का पावन अवसर है। इन चार महीनों में प्रत्येक व्यक्ति को धर्म आराधना, आत्मचिंतन और आत्मशुद्धि के मार्ग पर अग्रसर होना चाहिए।”
प्रख्यात संगीतकार महावीर देसाई ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन गौतम पारख ने किया। अंत में सकल श्रीसंघ ने संघ स्वामी वात्सल्य का लाभ लिया।
भारी वर्षा के बीच सम्पन्न हुआ यह चातुर्मास प्रवेश श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अनुपम उदाहरण बन गया, जिसमें युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लेकर धर्म के प्रति अपनी गहरी आस्था का परिचय दिया।




