सूरत डायमंड बुर्स में आतंकी हमले की स्थिति पर हाई-इंटेंसिटी मॉक ड्रिल, चेतक कमांडो और पुलिस ने दिखाई तत्परता
सरप्राइज एंटी-टेरर ऑपरेशन में सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता, रिस्पॉन्स टाइम और समन्वय का हुआ व्यापक परीक्षण

सूरत। शहर के खजोद स्थित सूरत डायमंड बुर्स परिसर में संभावित आतंकी हमले से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से चेतक कमांडो फोर्स और सूरत पुलिस द्वारा हाई-इंटेंसिटी एंटी-टेररिस्ट मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यह विशेष अभियान डीसीपी बर्वाले के सुपरविजन तथा राज्य की स्पेशल एंटी-टेरर यूनिट ‘चेतक कमांडो फोर्स’ के डीवाईएसपी बी.के. गुंदाणी के नेतृत्व में संचालित किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान बिना नंबर प्लेट की आई-10 कार में पहुंचे चार आतंकवादियों में से तीन ने डायमंड बुर्स के एफ टावर में घुसकर कर्मचारियों को बंधक बना लिया, जबकि चालक फरार होने का प्रयास करते हुए पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। घटना की सूचना मिलते ही ड्रीम सिटी पुलिस, एसओजी, बम डिस्पोजल स्क्वॉड, क्यूआरटी, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। गंभीर स्थिति को देखते हुए गांधीनगर से करीब 50 चेतक कमांडो को एयरलिफ्ट कर तैनात किया गया।

आतंकवादियों द्वारा 250 करोड़ रुपये की मांग, जेल में बंद साथियों की रिहाई और सुरक्षित बॉर्डर पार कराने जैसी शर्तें रखी गईं। प्रारंभिक वार्ता के बाद कमांडो टीम ने कैमोफ्लाज रणनीति अपनाते हुए पूरे परिसर की घेराबंदी कर ऑपरेशन शुरू किया। कार्रवाई के दौरान तीन आतंकियों को मार गिराया गया जबकि एक को गिरफ्तार कर सरेंडर करवाया गया।

पूरे ऑपरेशन में आधुनिक हथियारों, बुलेटप्रूफ जैकेट, बम निरोधक उपकरण और उन्नत सुरक्षा संसाधनों का उपयोग किया गया। वहीं बाहर सूरत पुलिस ने ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन संभालते हुए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर कमांडो टीम को त्वरित पहुंच सुनिश्चित की।




