भिक्षु दर्शन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन

सूरत। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के निर्देशन में तेरापंथ युवक परिषद, पर्वत पाटिया द्वारा भिक्षु दर्शन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला मुनि श्री डॉ. मदन कुमार स्वामी आदि ठाणा–3 के सान्निध्य में संपन्न हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता अभातेयुप के महामंत्री श्री सौरभ पटावरी ने की।
कार्यक्रम में विशेष रूप से चौका सत्कार के प्रवृत्ति सलाहकार श्री प्रकाश जी छाजेड़, जे.टी.एन. के कार्यकारी संपादक श्री पवन फुलफगर एवं महासभा के कार्यकारिणी सदस्य श्री प्रदीप गंग की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत मुनि श्री मदन कुमार स्वामी द्वारा भिक्षु अष्टकम के संगान से हुई। मुनि श्री ने आचार्य भिक्षु को समझने के लिए तीन प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भिक्षु स्वामी वह हैं जो मानव को रोग से आरोग्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर तथा मृत्यु से अमृत की ओर ले जाते हैं। उन्होंने भिक्षु स्वामी के सिद्धांतों को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी तथा लौकिक-लोकोत्तर भाव, दया एवं दान के विभिन्न प्रकारों की जानकारी दी।
मुनि संयम कुमार जी ने अणुव्रत गीत का संगान किया, वहीं मुनि श्री कल्प कुमार जी ने प्रेरक कहानी के माध्यम से विषय को सरल रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए महामंत्री श्री सौरभ पटावरी ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ युवाओं को अपने आध्यात्मिक प्रवर्तक को समझने, उनके सिद्धांतों एवं मर्यादाओं को जीवन में अपनाने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।
स्वागत उद्बोधन तेरापंथ युवक परिषद के श्री अमित बुच्चा द्वारा दिया गया। तेरापंथ युवक परिषद भजन मंडली द्वारा भिक्षु स्वामी पर गीतिका का संगान किया गया तथा महिला मंडल द्वारा तुलसी अष्टकम का भावपूर्ण संगान प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का आभार तेरापंथ युवक परिषद के मंत्री श्री अशोक कोचर ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर सभा के पदाधिकारीगण, महिला मंडल, युवक-युवतियाँ तथा समाजजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे




