
अंबाजी टेक्सटाइल मार्केट में बाल श्रमिक से कराया जा रहा था काम, श्रम विभाग की रेड में 13 वर्षीय बच्चा रेस्क्यू
एक साल से साड़ी फोल्डिंग का काम कराने का आरोप, मालिक के खिलाफ मामला दर्ज
सूरत। शहर के रिंग रोड स्थित अंबाजी टेक्सटाइल मार्केट में श्रम विभाग की कार्रवाई के दौरान एक 13 वर्षीय बाल श्रमिक को काम करते हुए मुक्त कराया गया। मामले में प्रतिष्ठान के संचालक के खिलाफ बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
शिकायत के अनुसार, नायब श्रम आयुक्त कार्यालय, नानपुरा में इंचार्ज सरकारी श्रम अधिकारी दीपक कुमार निलेशभाई शाह ने बताया कि सहायक श्रम आयुक्त के निर्देश पर 11 जून 2026 को श्रम विभाग की टीम ने रिंग रोड स्थित सांवरिया ट्रेंड्स, वार्ड नंबर 3-सी, दुकान नंबर 2094, अंबाजी टेक्सटाइल मार्केट में छापा मारा।
जांच के दौरान वहां प्रवीण सुरेश मोरे (उम्र लगभग 13 वर्ष 10 माह) नामक बालक साड़ी फोल्डिंग का काम करता मिला। मौके पर उसकी आयु संबंधी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। पूछताछ में बालक ने बताया कि उससे पिछले लगभग एक वर्ष से लगातार काम कराया जा रहा था।
रेड के बाद श्रम विभाग ने बालक को तत्काल मुक्त कराकर वी.आर. पोपावाला चिल्ड्रन होम, कतारगाम भेज दिया। जांच में प्रतिष्ठान के मालिक शक्ति कुमार रमेश मंडल की पहचान होने पर उनके खिलाफ बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 की धारा 3 तथा दंडनीय प्रावधान धारा 14 के तहत मामला दर्ज कराने की कार्रवाई की गई है।
श्रम विभाग का कहना है कि बाल श्रमिक से काम कराना कानूनन अपराध है। मामले की आगे की जांच जारी है तथा संबंधित अधिकारियों ने दोषी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।



