भागवत कथा हमारे जीवन और चरित्र का निर्माण करती है : पुष्कर दास महाराज
ग्रीन वैली में संगीतमय भागवत कथा के तीसरे दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सूरत। शहर के ग्रीन वैली अपार्टमेंट में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उदयपुर के कथा व्यास श्री पुष्कर दास महाराज ने अपने प्रेरणादायी प्रवचनों में कहा कि भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि जीवन और चरित्र निर्माण का श्रेष्ठ माध्यम है। कथा मनुष्य के भीतर के राग, द्वेष, ईर्ष्या, मोह और अहंकार को समाप्त कर उसे प्रभु भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करती है।
महाराज श्री ने कहा कि जहां धन आता है, वहां अनेक प्रकार के अनर्थ भी जन्म लेते हैं। यदि परिवार में संस्कार और आपसी समझ का अभाव हो तो विवाद होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि सच्ची कथा वही है जो मनुष्य की व्यथा को दूर कर उसके मन को शांति प्रदान करे। कथा श्रवण के समय अहंकार का त्याग आवश्यक है और प्रभु भक्ति में किसी प्रकार का दिखावा या मिलावट नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और दुर्योधन का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान को वैभव नहीं, बल्कि सच्चा प्रेम प्रिय है। प्रेम से अर्पित एक गिलास जल भी उनके लिए छप्पन भोग के समान है। संतों का मन निर्मल होता है, इसलिए भगवान स्वयं उनके दर्शन करने आते हैं।
कथा में शुकदेव जी के आगमन, राजा परीक्षित के कल्याण, भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति तथा राजा बलि के त्याग और वामन भगवान के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। नौ प्रकार की भक्ति का महत्व भी विस्तार से बताया गया। कथा के समापन पर वामन भगवान की आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गई। आयोजन समिति के विट्ठल वैष्णव ने बताया कि शनिवार को कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया जाएगा।




