तीन बालिकाओं को मिला नया परिवार, कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर की मौजूदगी में प्री-एडॉप्शन फोस्टर केयर में सौंपा गया

सूरत। कतरगाम स्थित स्पेशलाइज्ड एडॉप्शन एजेंसी (एसएए) में शनिवार को आयोजित एक प्रेरणादायी कार्यक्रम में तीन बालिकाओं को दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के तहत प्री-एडॉप्शन फोस्टर केयर में इच्छुक दंपतियों को सौंपा गया। इस अवसर पर सूरत के नवनियुक्त कलेक्टर तेजस परमार तथा पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान कतरगाम स्थित वी.आर. पोपावाला चिल्ड्रन होम फॉर बॉयज़ में दत्तक ग्रहण जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की स्वायत्त संस्था Central Adoption Resource Authority (कारा) के एडॉप्शन रेगुलेशन-2022 के तहत तीन बालिकाओं को दत्तक ग्रहण की इच्छुक दंपतियों को प्री-एडॉप्शन फोस्टर केयर में सौंपा गया। बालिकाओं को परिवार मिलने के साथ ही संबंधित दंपतियों के घरों में खुशी का माहौल छा गया।

कार्यक्रम का संचालन जिला समाज सुरक्षा विभाग के मार्गदर्शन में किया गया। जिला समाज सुरक्षा अधिकारी एल.बी. पटेल के निर्देशन तथा नायब निदेशक निनामा मैडम के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी विजय परमार, प्रोटेक्शन ऑफिसर चिराग रामावत एवं स्पेशलाइज्ड एडॉप्शन एजेंसी की मैनेजर कोमल शाह ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील करते हुए कहा कि समाज में बच्चों को दत्तक लेने की कानूनी प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि नवजात या बच्चों को असुरक्षित परिस्थितियों में छोड़ने के बजाय उन्हें सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थाओं या अनाथालयों को सुरक्षित रूप से सौंपें, ताकि बच्चों को उचित संरक्षण और बेहतर भविष्य मिल सके।
उन्होंने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) द्वारा कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बच्चों को दत्तक ग्रहण के लिए पात्र घोषित किया जाता है, जिसके बाद उन्हें इच्छुक दंपतियों को सौंपा जाता है। इससे एक ओर बच्चों को सुरक्षित एवं स्नेहपूर्ण परिवार मिलता है, वहीं दूसरी ओर संतान की इच्छा रखने वाले दंपतियों का परिवार भी पूर्ण हो जाता है।
कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर तेजस परमार ने दत्तक ग्रहण करने वाले सभी दंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल पारिवारिक जीवन की कामना की। यह आयोजन समाज में कानूनी दत्तक ग्रहण प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अनाथ बच्चों को बेहतर भविष्य दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।



