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सूरत में नए आयकर अधिनियम 2025 पर जागरूकता अभियान “प्रारंभ 2026” आयोजित

करदाताओं को सरल नियमों की जानकारी देने और हितधारकों से संवाद बढ़ाने पर जोर

सूरत। मुख्य आयकर आयुक्त, सूरत के निर्देशन में प्रधान आयकर आयुक्त-1 कार्यालय द्वारा नए आयकर अधिनियम, 2025 पर देशव्यापी जागरूकता अभियान “प्रारंभ 2026” का आयोजन गुरुवार, 21 मई 2026 को सिटी लाइट स्थित द्वारका हॉल, महाराजा अग्रसेन पैलेस में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए आयकर अधिनियम के प्रावधानों, उसके क्रियान्वयन तथा करदाताओं में जागरूकता बढ़ाने के साथ विभिन्न हितधारकों के साथ संवाद स्थापित करना था।

  • कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. एन. सी. स्वाइँ उपस्थित रहे। वहीं श्री प्रिय रंजन घोष, प्रधान आयकर निदेशक (जांच) सहित आयकर विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में व्यापार, उद्योग, वस्त्र क्षेत्र तथा पेशेवर संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधियों ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया। इनमें सूरत डायमंड एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री जगदीशभाई खुंट, आईसीएआई सूरत शाखा के अध्यक्ष सीए राहुल अग्रवाल, दक्षिण गुजरात वस्त्र प्रसंस्करण संघ के श्री जीतूभाई वखारिया, सूरत व्यापार एवं वस्त्र संघ महासंघ के अध्यक्ष श्री कैलाश हकीम सहित श्री जे. पी. अग्रवाल, श्री प्रमोद चौधरी, श्री भरत उंघड़, श्री रोहन देसाई और डॉ. फारुख पटेल समेत अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
    मुख्य अतिथि डॉ. एन. सी. स्वाइँ ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान डिजिटल और तकनीकी युग को ध्यान में रखते हुए नए आयकर अधिनियम, 2025 को अधिक सरल और व्यवहारिक बनाया गया है। उन्होंने बताया कि पहले आयकर अधिनियम, 1961 में वेतन और अन्य आय संबंधी प्रावधानों को समझने के लिए कई अलग-अलग धाराओं का अध्ययन करना पड़ता था, जबकि नए अधिनियम में इन प्रावधानों को सरल रूप में एकीकृत किया गया है। उन्होंने व्यवसाय से आय, पूंजीगत लाभ तथा अन्य स्रोतों से आय संबंधी प्रावधानों के सरलीकरण की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे सामान्य करदाता बिना विशेषज्ञ सहायता के भी नियमों को आसानी से समझ सकेगा और उनका पालन कर पाएगा।
    कार्यक्रम के आयोजक एवं प्रधान आयकर आयुक्त-1, सूरत श्री यू. बी. मिश्रा ने कहा कि नए आयकर अधिनियम, 2025 के माध्यम से आयकर अधिनियम, 1961 के जटिल प्रावधानों को सरल एवं सुगम स्वरूप प्रदान किया गया है। इससे करदाताओं को आयकर विवरणियां तैयार करने में सुविधा होगी तथा प्रावधानों के सरलीकरण से अनावश्यक कानूनी विवादों में भी कमी आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान करदाताओं के प्रति आयकर विभाग की पारदर्शिता, जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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