आशा नगर में भागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन

सूरत। उधना स्थित आशा नगर में श्री रामायण प्रचार मण्डल द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा में शुक्रवार 22 मई को छठे दिन कथा वाचन के दौरान संदीप महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा पांडाल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।

महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने गिरिराज गोवर्धन धारण कर इन्द्र के अहंकार का नाश किया तथा स्वयं गोवर्धननाथ बनकर भक्तों पर कृपा बरसाई। उन्होंने गोपियों के साथ महारास का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान को अहंकार बिल्कुल पसंद नहीं है। जब गोपियों में अहंकार उत्पन्न हुआ तो भगवान अंतर्ध्यान हो गए। भगवान के वियोग में व्याकुल गोपियों ने जो करुण गीत गाया, वही “गोपी गीत” कहलाया। महाराज ने कहा कि गोपी गीत का पाठ करने से हृदय रोग तक दूर हो जाते हैं।
कथा के दौरान कंस वध, भगवान श्रीकृष्ण के मथुरा गमन, गुरु संदीपनि को गुरु दक्षिणा में उनके मृत पुत्र को वापस लाकर देने तथा उद्धव को ब्रज भेजने के प्रसंग भी सुनाए गए। उन्होंने बताया कि जरासंध के आक्रमण के समय भगवान मथुरा छोड़कर गए, जिसके कारण उनका नाम रणछोड़ पड़ा।
अंत में भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भी सुंदर वर्णन किया गया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए और जयकारों से वातावरण गूंज उठा।




