
सूरत शहर के उमरा पुलिस स्टेशन में दर्ज एक गंभीर वित्तीय विवाद मामले में गुजरात हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए आरोपी रूषिन बाबूभाई रायका को बड़ी राहत दी है।
मामले की जानकारी के अनुसार, 24 मार्च 2026 को शिकायतकर्ता दीप सुरेशभाई नायक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वर्ष 2018 से 2019 के बीच रूषिन रायका ने उन्हें कुल 1.05 करोड़ रुपये ब्याज पर दिए थे और बाद में कथित रूप से दबाव बनाकर 1.27 करोड़ रुपये वसूल लिए। इसके बावजूद भी 1.95 करोड़ रुपये अतिरिक्त ब्याज के नाम पर जबरन वसूली करने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि फ्लैट कब्जा रसीद लिखवाने और अन्य तरीकों से आर्थिक दबाव बनाया गया। इस आधार पर उमरा पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
हालांकि, रूषिन रायका की ओर से इस FIR को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। 30 अप्रैल 2026 को सुनवाई के दौरान उनके पक्ष में यह दलील दी गई कि इससे पहले भी विभिन्न पुलिस स्टेशनों में रिपोर्ट दर्ज हुई थीं, जिनमें किसी भी प्रकार का आपराधिक तत्व सामने नहीं आया था। साथ ही, उन्होंने पहले से ही शिकायतकर्ता के खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट सेक्शन 138 के तहत मामले दायर किए थे, जिनमें शिकायतकर्ता को राहत नहीं मिली थी।
इन दलीलों को ध्यान में रखते हुए गुजरात हाइकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक रूषिन रायका के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई, जैसे गिरफ्तारी, न की जाए।
कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी कर अगली सुनवाई की तारीख 25 अगस्त 2026 निर्धारित की है।
इस मामले में रूषिन रायका की ओर से अधिवक्ता जय प्रकाश उमोट ने पैरवी करते हुए महत्वपूर्ण दलीलें प्रस्तुत कीं, जिसके आधार पर उन्हें अंतरिम राहत प्राप्त हुई।




