सूरत। शहर के टेक्सटाइल मार्केट में इन दिनों कपड़ों की मांग कमजोर बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर यार्न के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने व्यापारियों, वीवर्स और प्रोसेसिंग उद्योग की चिंता बढ़ा दी है। बाजार में मांग की तुलना में सप्लाई अधिक होने के बावजूद स्थानीय स्पिनर्स ने पिछले एक महीने में लगभग सभी प्रकार के यार्न के भाव में भारी वृद्धि कर दी है।
क्यूसीओ हटाने के मुद्दे पर कोर्ट द्वारा स्टे दिए जाने के बाद आयातित यार्न के कंटेनर डॉकयार्ड पर अटक गए हैं। इसके चलते विदेशी यार्न का सप्लाई बाजार तक नहीं पहुंच पा रहा है। उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर स्थानीय स्पिनर्स ने कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है।
150/36 रोटो यार्न का भाव 125 रुपये से बढ़कर 135 रुपये हो गया है, जबकि 75/72 रोटो यार्न 128 रुपये से बढ़कर 142 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं 51 पीओवाई यार्न में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया है, जिसका भाव 104 रुपये से सीधे 135 रुपये हो गया। इसके अलावा एफडीवाई यार्न, मदर यार्न और विस्कोस स्टेपल के दामों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
उद्योगकारों का कहना है कि फिलहाल बाजार में तैयार कपड़ों की मांग सीमित है और व्यापार धीमा चल रहा है। ऐसे समय में कच्चे माल की कीमत बढ़ने से उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है। यदि आने वाले समय में बाजार में मांग में सुधार नहीं हुआ तो छोटे और मध्यम स्तर के यूनिटों के लिए स्थिति और अधिक कठिन हो सकती है।




