
सूरत:दी साउदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने भारत सरकार की माननीय केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को Goods and Services Tax (GST) के अंतर्गत फेसलेस असेसमेंट और फेसलेस एडजुडिकेशन एवं अपील मैकेनिज्म लागू करने को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी है। चैंबर ने वर्तमान में लागू ई-स्कीम को भी पूर्ण रूप से फेसलेस बनाने की मांग की है।चैंबर के अध्यक्ष श्री निखिल मद्रासी ने बताया कि आयकर प्रणाली में लागू फेसलेस असेसमेंट और अपील स्कीम ऐतिहासिक रूप से सफल रही है, जिससे कर प्रणाली में पारदर्शिता, एकरूपता और करदाताओं का विश्वास बढ़ा है तथा भ्रष्टाचार में कमी आई है। GST व्यवस्था पहले से ही काफी हद तक डिजिटल है, ऐसे में असेसमेंट, ऑडिट और एडजुडिकेशन को भी फेसलेस बनाना समय की आवश्यकता है।
चैंबर ने बताया कि वर्तमान ई-स्कीम में ऑनलाइन प्रक्रिया होने के बावजूद दस्तावेज़ जमा करने के लिए भौतिक रूप से कार्यालय जाना पड़ता है, जिससे उद्योगों को असुविधा होती है। विशेषकर MSME सेक्टर के लिए यह प्रक्रिया महंगी और जटिल बन जाती है।प्रस्ताव में सुझाव दिया गया है कि फेसलेस GST असेसमेंट को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए, जिसमें रिटर्न स्क्रूटनी, GSTR-1 और GSTR-3B मिसमैच, ITC से जुड़ी कार्यवाही, CGST की धारा 73 व 74 के नोटिस, रिफंड वेरिफिकेशन और ऑडिट को शामिल किया जाए। इसके लिए नेशनल फेसलेस GST सेंटर जैसी केंद्रीय डिजिटल व्यवस्था बनाने की भी मांग की गई है।
इसके साथ ही, GST अपीलेट ट्रिब्यूनल (GSTAT) पूरी तरह कार्यरत न होने के कारण अपील मामलों में बढ़ती पेंडेंसी को देखते हुए फेसलेस अपील मैकेनिज्म लागू करने पर जोर दिया गया है। चैंबर ने इसे “Minimum Government, Maximum Governance” की दिशा में करदाता-मैत्री सुधार बताया है।




