
सूरत। कपड़ा बाजार में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें 40 साल पुरानी प्रतिष्ठित फर्म जयश्री क्रिएशन (भोहन साड़ी सेंटर) के पितापुत्र मालिकों ने 45 व्यापारियों से मिलकर करीब 16 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने आरबीआई का फर्जी पत्र दिखाकर अपने खातों पर रोक (सीज) लगने की बात बताई और कहा कि चेक बैंक में न भरे, जिससे उन्होंने समय निकालते-निकालते व्यापारियों से करोड़ों का माल उधार में ले लिया और बाद में फरार हो गए।
भाट गांव निवासी महेश सुखियानी, उनके बेटे सनी और अजय सुखियानी लेडीज कपड़ों का कारोबार करते हैं। कपड़ा व्यापारी चंदर कृशनाचंदानी ने बताया कि वर्षों से यह परिवार बाजार में 30 दिन की उधारी पर माल लेता और समय पर भुगतान करता रहा, जिससे इन पर सबका विश्वास था। लेकिन इस बार इन्होंने व्यापारियों को आरबीआई का फर्जी पत्र भेजकर बताया कि खातों पर रोक लगी है, जिससे चेक न भरे। इस बहाने इन्होंने और अधिक उधार का माल उठाया और उसे 60 से 70 प्रतिशत कीमत पर नकद बेच डाला। इतना ही नहीं, जीएसटी बिलों का भी हेरफेर कर नकदी कर ली।
बाजार में चौंकाने वाला घोटाला
मस्कती कपड़ा महाजन के अध्यक्ष गौरांग भगत ने कहा कि ठगी करने वालों के नाम तो पहले से ब्लैकलिस्ट में रहते हैं, लेकिन इस पीढ़ी का नाम कभी सामने नहीं आया था। इस परिवार की बाजार में विश्वासनीय छवि रही है। पितापुत्रों ने इसी भरोसे का दुरुपयोग कर व्यापारियों को बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचाया, जो चौंकाने वाली घटना है।




