
सूरत क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को चौकबाजार हेरिटेज होप पुल के पास से अफगानिस्तान के 42 वर्षीय नागरिक मोहम्मद आमिर जावेद खान को गिरफ्तार कर उसके पास से बड़ी मात्रा में फर्जी भारतीय दस्तावेज़ बरामद किए हैं। आरोपी सूरत में आलीशान फ्लैट लेकर रह रहा था और यहां से दिल्ली, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में कपड़े का थोक व्यापार संचालित कर रहा था।
क्राइम ब्रांच को मिली गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने जहांगीरपुरा स्थित मल्बार प्लस बिल्डिंग के फ्लैट नंबर D/1003 में रहने वाले आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। सूचना थी कि आरोपी फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर भारतीय नागरिक बनकर घूम रहा है और चौकबाजार हेरिटेज होप के पास आने वाला है। टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से जालना नगर निगम का फर्जी जन्म प्रमाणपत्र, फर्जी भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड और मोबाइल फोन बरामद हुआ।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह वर्ष 2018 में टूरिस्ट वीजा पर दिल्ली आया था, वीजा समाप्त होने के बाद उसने UN Refugee Agency (UNHCR) से शरणार्थी कार्ड लेकर भारत में रहना जारी रखा। इसके बाद उसने महाराष्ट्र के जालना जिले में रहने वाले अपने साथी अगजान को सिर्फ पाँच हजार रुपए देकर जालना नगर निगम से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र तैयार करवाया, जिसमें उसका जन्म 4 जून 1983, जालना दर्शाया गया था। इसी आधार पर उसने अन्य सभी भारतीय सरकारी दस्तावेज़ बनवाए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने फर्जी पासपोर्ट पर दो बार UAE और एक बार UAE से अफगानिस्तान की यात्रा भी की। यात्रा के बाद वह फिर भारत लौटकर सूरत में बस गया और यहां कपड़े के होलसेल कारोबार में सक्रिय हो गया।
क्राइम ब्रांच अब यह जांच कर रही है कि उसका सूरत में रहने का वास्तविक उद्देश्य क्या था, इसके स्थानीय संपर्क कौन-कौन हैं और वह कितने समय से शहर में सक्रिय था। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज़ बनवाने वाले अगजान को वॉन्टेड घोषित कर उसके विरुद्ध भी कार्रवाई तेज कर दी है



