सूरत के पीपलौद जैन संघ में होगा भव्य सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रम
पूज्य मुनिराजों की निश्रा में SCJ तपोवन जैन स्कूल के बाल तपस्वियों का सम्मान समारोह

सूरत।युगप्रधान आचार्यसम पन्यासप्रवर श्री चंद्रशेखर विजयजी म.सा. के कृपापात्र शिष्यरत्न, सुविशुद्ध संयमोपासक परम् पूज्य आ.भ. श्री मल्यकीर्तिसूरिश्वरजी म.सा. के पावन सान्निध्य एवं उनकी कृपामूर्ति शिष्यपरिवार की निश्रा में इस वर्ष पीपलौद संघ में चातुर्मास संपन्न कराने वाले पू. मुनिराज श्री संवेग कीर्तिविजयजी म.सा. एवं पू. मुनिराज श्री काव्यशेखरविजयजी म.सा. सहित विशाल श्रमण-श्रवक वृंद की पवित्र उपस्थिति में सूरत के पीपलौद जैन संघ के प्रांगण में एससीजे तपोवन जैन स्कूल का भव्य सांस्कृतिक एवं तपीश्री सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है।
इस दिव्य कार्यक्रम में पूज्य गुरुदेव श्री के भव्य सामैय से शुभारंभ होगा, जिसमें स्कूल के बालक-बालिकाएँ एनसीसी. की पोशाक में राष्ट्रप्रेम और धर्मप्रेम की अद्भुत छवि प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ महामंगलकारी दीपप्रज्ज्वलन से होगा तथा सभी आगंतुकों का स्वागत नमस्कार महामंत्र के उच्चारण और संगीत के साथ किया जाएगा। वहीं स्कूल की नन्हीं बेटियाँ भरतनाट्यम के माध्यम से भारतीय संस्कृति की झलक पेश करेंगी।

इसके पश्चात विद्यालय के बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी — जिनमें गुरुदेव श्री चंद्रशेखर विजयजी म.सा. को समर्पित गीतों और नृत्यों के माध्यम से उनकी स्मृतियों को सजीव किया जाएगा। साथ ही, विद्यालय की एक होनहार छात्रा अपने अनुभवों के साथ एसजीएस तपोवन जैन स्कूल की प्रगति यात्रा पर प्रेरक भाषण देगी।
इसके बाद विद्यालय के बाल तपस्वियों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें संगीत और नृत्य के माध्यम से उनकी तपस्या की अनुमोदना की जाएगी। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों में तप, संयम और आत्मशुद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ने का उत्साह जागृत करना है।
आधुनिकता और आध्यात्मिकता के समन्वय से चल रहे इस संस्थान के विद्यार्थी न केवल धार्मिक बल्कि तकनीकी क्षेत्र में भी आगे हैं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा रोबोटिक परफॉर्मेंस, वैदिक गणित प्रदर्शन, और स्केटिंग शो जैसी अद्भुत प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। इसके अलावा आत्मरक्षा प्रशिक्षण का दृश्य-चित्रण भी छात्राएँ मंच पर प्रत्यक्ष रूप से प्रदर्शित करेंगी।

गुरुदेवश्री के स्नेह, ट्रस्टीगण की निष्ठा, दानवीरों के सहयोग और शिक्षकों की समर्पित भावना से सुसज्जित यह संस्था बच्चों के सर्वांगीण विकास का जीवंत उदाहरण बन चुकी है। इस अवसर पर कार्यक्रम के लाभार्थी श्रेष्टीवर्य श्री सुनीलभाई कपाड़िया का विशेष रूप से अभिनंदन किया जाएगा।यह प्रेरणादायी आयोजन सूरत के जैन समाज ही नहीं, बल्कि समस्त नागरिकों के लिए धर्म, संस्कृति और शिक्षा के समन्वय का अद्भुत संदेश देने वाला सिद्ध होगा।




