चैंबर के जीएफआरसी द्वारा टेक्सटाइल वीक की भव्य शुरुआत, उद्योगपतियों को मिला मार्गदर्शन

सूरत।द साउदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के ग्लोबल फैब्रिक रिसोर्स एंड रिसर्च सेंटर (जीएफआरसी) द्वारा सूरत के कपड़ा उद्योग को मजबूती देने और उभरते उद्योगपतियों को सही दिशा देने के उद्देश्य से टेक्सटाइल वीक का आयोजन शुरू किया गया है। यह विशेष आयोजन 21 जुलाई से 26 जुलाई 2025 तक प्रतिदिन शाम 5:30 बजे समृद्धि, नानपुरा, सूरत में आयोजित किया जा रहा है।
उद्योग की नई सोच और प्रबंधन पर जोर
टेक्सटाइल वीक के पहले दिन ‘टेक्सटाइल यूनिट के मैनेजमेंट’ विषय पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें फेडरेशन ऑफ इंडियन आर्ट सिल्क वीविंग इंडस्ट्री के चेयरमैन तथा चैंबर के पूर्व अध्यक्ष भरत गांधी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं विशेषज्ञ वक्ता के रूप में लुथरा ग्रुप के चेयरमैन गिरीश लुथरा ने टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े उद्यमियों को विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।
ग्लोबल स्तर पर सूरत को पहचान दिलाने का प्रयास
चैंबर अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने कहा कि सूरत के टेक्सटाइल उद्योग को वैश्विक बाजार में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए नवाचार अत्यंत आवश्यक है। टेक्सटाइल वीक उद्योगपतियों, डिजाइनरों और युवा उद्यमियों के लिए एक उत्कृष्ट मंच है, जहाँ वे टेक्नोलॉजी, नए ट्रेंड्स और ग्लोबल मार्केट की मांग के अनुरूप अपने व्यवसाय को सशक्त बना सकते हैं।
भरत गांधी ने टेक्सटाइल इंडस्ट्री के ऐतिहासिक बदलाव बताए
भरत गांधी ने टेक्सटाइल क्षेत्र में समय के साथ आए बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहले केवल प्राकृतिक फाइबर जैसे कॉटन, रेशम, जूट का प्रयोग होता था, फिर धीरे-धीरे इसमें पॉलिएस्टर और विस्कोस का समावेश हुआ। टेक्सटाइल उद्योग में बदलाव की प्रक्रिया सतत चलती है। उन्होंने उद्योगपतियों को निरंतर नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
गिरीश लुथरा का व्यावहारिक मार्गदर्शन
विशेषज्ञ वक्ता गिरीश लुथरा ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में किसी भी टेक्सटाइल यूनिट की सफलता केवल उत्पादन पर निर्भर नहीं रहती, बल्कि प्लानिंग, मशीनों का समय पर मेंटेनेंस, वर्कफोर्स की ट्रेनिंग और बाजार की मांग को समझना भी बेहद जरूरी है।
उन्होंने समझाया कि व्यवसाय में तीन मूल मंत्र होते हैं — ज्ञान, धन और स्मार्ट वर्किंग। ज्ञान के साथ संतुलन बनाकर व्यवसाय करने से ही सफलता मिलती है। वर्तमान समय में जानकारी आधारित कमाई सबसे तेज़ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर उद्यमी को 360 डिग्री नॉलेज विकसित करना चाहिए, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और सोचने का नजरिया बदलेगा, जो अंततः बिजनेस के नतीजों में बेहतरी लाएगा।
अशोक जीरावाला ने दिया उत्पाद विश्लेषण पर जोर
चैंबर के उपाध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि व्यापार शुरू करने से पहले उत्पाद का गहन विश्लेषण करना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे आधुनिक टेक्सटाइल मशीनों जैसे एयरजेट और वॉटरजेट तकनीकों को अपनाने पर भी विचार करें।
सूरत ब्रांड बनाने की दिशा में चैंबर की पहल
चैंबर ग्रुप चेयरमैन गिरीधर गोपाल मुंदड़ा ने बताया कि सूरत को ग्लोबल ब्रांड बनाने के लक्ष्य से टेक्सटाइल वीक का आयोजन किया गया है। इसमें टेक्सटाइल उद्योग के विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों की जानकारी दी जाती है ताकि उद्यमियों को अपने व्यापार में नये अवसर मिलें।
टेक्सटाइल वीक में उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी
सेमिनार में पूर्व अध्यक्ष विजय मेवावाला, इन्चार्ज मानद मंत्री भावेश टेलर, फियास्वी के चेयरमैन भरत गांधी सहित सूरत के अनेक उद्योगपति उपस्थित रहे।
जीएफआरसी के को-चेयरमैन अमरीश भट्ट ने सेमिनार का संचालन किया और अंत में गिरीश लुथरा ने उपस्थित उद्यमियों के सवालों के संतोषजनक जवाब देते हुए सेमिनार का सफल समापन कराया।




