सूरत नई सिविल में रेजिडेंट डॉक्टर आत्महत्या मामला: 24 घंटे में जांच पूरी, 4 सीनियर डॉक्टर निलंबित
मानसिक प्रताड़ना की पुष्टि, एचओडी व संबंधित शिक्षण स्टाफ को कारण बताओ नोटिस; स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने जूनियर डॉक्टरों से की भावुक अपील

सूरत। नई सिविल अस्पताल में प्रथम वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टर की आत्महत्या की घटना को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए। मंत्री के निर्देश पर गठित विशेष जांच समिति ने रातभर काम करते हुए 24 घंटे में जांच पूरी की। समिति ने 80 से अधिक जूनियर डॉक्टरों के बयान दर्ज किए।
जांच के प्राथमिक निष्कर्षों में सीनियर डॉक्टरों द्वारा मानसिक प्रताड़ना और परेशान किए जाने की पुष्टि होने के बाद सीधे तौर पर जिम्मेदार चार सीनियर डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं, जूनियर डॉक्टरों की सुरक्षा और उचित निगरानी में विफल रहने पर संबंधित विभाग के एचओडी एवं शिक्षण स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
मंत्री पानशेरिया ने कहा कि जूनियर डॉक्टरों को अपमानित करना या मानसिक प्रताड़ना देना हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। रैगिंग जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि रैगिंग का कलंक डॉक्टरों के पूरे करियर को प्रभावित कर सकता है।
मंत्री ने जूनियर डॉक्टरों से भावुक अपील करते हुए कहा कि यदि किसी सीनियर द्वारा रैगिंग, मानसिक प्रताड़ना या परीक्षा में फेल करने की धमकी दी जाती है तो वे किसी भी हालत में आत्महत्या जैसा कदम न उठाएं। बिना डरे तत्काल डीन, कॉलेज प्रशासन या सीधे स्वास्थ्य मंत्री अथवा राज्य सरकार से संपर्क करें।
मंत्री ने मृतक डॉक्टर के पिता से फोन पर बातचीत कर शोक संवेदना व्यक्त की और परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव कार्रवाई की जाएगी।




