
सूरत। सलाबतपुरा स्थित राधाकृष्णा टेक्सटाइल मार्केट के एक कपड़ा व्यापारी ने दलाल समेत तीन लोगों के खिलाफ 9.24 लाख रुपये का बकाया भुगतान नहीं करने, विश्वासघात, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। आरोपियों ने पहले समय पर भुगतान करने वाले प्रतिष्ठित व्यापारियों के रूप में विश्वास दिलाया और जॉर्जेट प्लेन कपड़े का माल लिया। शुरुआत में कुछ भुगतान कर विश्वास जीतने के बाद करीब 9.24 लाख रुपये का भुगतान रोक दिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गणपत नेमीचंद चांडक (32), निवासी गोडादरा, सूरत, राधाकृष्णा टेक्सटाइल मार्केट की दुकान नंबर डी/4228 में ओमकारा टेक्स के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता एवं व्यवस्थापक के रूप में कारोबार करते हैं। यह फर्म उनके छोटे भाई भरत नेमीचंद चांडक के नाम से पिछले करीब दस वर्षों से जॉर्जेट प्लेन कपड़े का थोक कारोबार कर रही है।
जुलाई 2022 में गणपत चांडक का गिरीश राठी से कपड़ा दलाल के रूप में परिचय हुआ। इसके बाद राठी ने हर्ष मेहता और तरुण महेश्वरी को जॉर्जेट प्लेन कपड़े के बड़े और प्रतिष्ठित व्यापारी बताते हुए कहा कि वे बाजार में समय पर भुगतान करते हैं और उनके भुगतान की जिम्मेदारी भी उसकी रहेगी।
विश्वास कायम करने के लिए दलाल ने कुछ पुराने बिल भी दिखाए और बताया कि संबंधित व्यापारियों ने अन्य कारोबारियों का भुगतान समय पर किया है। इन बातों पर भरोसा करते हुए शिकायतकर्ता ने 28 जुलाई 2022 से 27 मई 2023 के बीच अलग-अलग बिल एवं चालानों के माध्यम से कुल 16,57,917 रुपये का जॉर्जेट प्लेन कपड़ा आरोपियों को भेजा।
शुरुआत में विश्वास जीतने के उद्देश्य से आरोपियों ने अलग-अलग किश्तों में 7,33,720 रुपये का भुगतान कर दिया। इसके बाद 9,24,197 रुपये की रकम बकाया रह गई। भुगतान निर्धारित समय पर नहीं मिलने पर गणपत चांडक ने हर्ष मेहता और तरुण महेश्वरी से बार-बार फोन पर रकम की मांग की।
आरोप है कि आरोपी बाजार में मंदी, ऊपर से भुगतान नहीं आने तथा जिन व्यापारियों से उन्हें रकम लेनी है, उनसे समय पर भुगतान नहीं मिलने जैसे कारण बताकर लगातार समय टालते रहे। बाद में आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। आरोपियों द्वारा दिए गए संदर्भ वाले अन्य व्यापारियों से संपर्क करने का भी प्रयास किया गया, लेकिन बाद में उनके मोबाइल नंबर भी बंद बताए गए।
जब गणपत चांडक ने आरोपियों को कानूनी कार्रवाई करने की बात कही तो आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि अपना भुगतान भूल जाओ, अब पैसा नहीं मिलेगा, जो करना है कर लो और जहां जाना है वहां चले जाओ। इसके बाद कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए धमकी दी गई कि यदि वसूली के लिए दोबारा आए तो हाथ-पैर तोड़ दिए जाएंगे और व्यापार करने लायक नहीं छोड़ा जाएगा।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तीनों आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से पहले विश्वास कायम किया, फिर बड़ी मात्रा में कपड़ा प्राप्त किया और बाद में 9,24,197 रुपये का भुगतान नहीं कर आपराधिक विश्वासघात किया। गणपत चांडक ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत सलाबतपुरा पुलिस थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक प्रितेशकुमार कुमारसिंह चौधरी कर रहे हैं।




