अब सिर्फ ‘सर्विस’ से नहीं चलेगा, IT कंपनियों को ‘सॉल्यूशन’ और ‘प्रोडक्ट’ मॉडल अपनाना होगा : वत्सल शाह
AI के दौर में कोडिंग का तरीका बदल रहा, कर्मचारियों को ‘फॉरवर्ड डिप्लॉयमेंट इंजीनियर’ के रूप में तैयार करने की जरूरत

सूरत। द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) के तत्वावधान में अध्यक्ष अशोक जीरावाला के मार्गदर्शन में सरसाणा स्थित उषाकांत मारफतिया हॉल में ‘Restructuring IT Companies’ विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। बिजनेस कैटेलिस्ट, सीईओ कोच एवं मैजेंटो एसोसिएशन के बोर्ड डायरेक्टर वत्सल शाह ने IT कंपनियों के पुनर्गठन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका पर मार्गदर्शन दिया।
वत्सल शाह ने कहा कि IT उद्योग बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। अब केवल सर्विस उपलब्ध कराने से काम नहीं चलेगा, कंपनियों को ‘सॉल्यूशन’ और ‘प्रोडक्ट’ मॉडल की ओर बढ़ना होगा। AI के कारण पारंपरिक कोडिंग पद्धतियां बदल रही हैं। ऐसे में IT कंपनियों को अपने कर्मचारियों को ‘फॉरवर्ड डिप्लॉयमेंट इंजीनियर’ के रूप में पुनः प्रशिक्षित करना चाहिए, ताकि वे क्लाइंट के कारोबार को समझकर AI के माध्यम से तेज और सटीक समाधान दे सकें।
उन्होंने कहा कि सूरत अब केवल टेक्सटाइल और डायमंड हब नहीं, बल्कि बड़े वराछा जैसी ‘डिजिटल वैली’ के कारण IT क्षेत्र में भी देश का ध्यान आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कंपनियों को AI के प्रभाव से बचने के लिए 90 दिनों की पुनर्गठन योजना और लाभ-केंद्रित बिजनेस मॉडल अपनाने की सलाह दी।
कार्यक्रम में IT कंपनियों के बिजनेस मॉडल एवं मार्केटिंग, सर्विस ऑफरिंग, बाजार रणनीति, संगठनात्मक ढांचे, नेतृत्व, कार्यप्रणाली और संस्थापक की भूमिका जैसे क्षेत्रों में पुनर्गठन की आवश्यकता पर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य राजस्व की गुणवत्ता, मार्जिन, मूल्य निर्धारण क्षमता, क्लाइंट ग्रोथ और कैश फ्लो में सुधार करना है।
चैंबर के मानद मंत्री परेश लाठिया ने स्वागत भाषण में कहा कि नई तकनीक के साथ पुनर्गठन करने वाली IT कंपनियां 15 से 25 प्रतिशत वार्षिक विकास दर हासिल कर सकती हैं। ग्रुप चेयरमैन गणपत धामेलिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। IT एंड कम्युनिकेशन कमेटी के चेयरमैन रोमित गाबाणी ने संचालन किया। कमेटी सदस्य मौलिक वोरा ने वक्ता का परिचय दिया, जबकि को-चेयरमैन पूर्विन जयाणी ने आभार व्यक्त किया।



