
सूरत/कोलंबो, 6 अगस्त। दक्षिण गुजरात के उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से श्रीलंका के दौरे पर गए द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कोलंबो में श्रीलंका के बोर्ड ऑफ इन्वेस्टमेंट (BOI) के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। चैंबर अध्यक्ष अशोक जीरावाला एवं मानद कोषाध्यक्ष अतुल पटेल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने BOI के डायरेक्टर जनरल डॉ. सुलक्षन जयवर्धना तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निवेश, द्विपक्षीय व्यापार, जॉइंट वेंचर, तकनीक हस्तांतरण और वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में अशोक जीरावाला ने कहा कि सूरत आज टेक्सटाइल और डायमंड के साथ-साथ फार्मा, केमिकल्स, इंजीनियरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और आईटी जैसे क्षेत्रों में भी वैश्विक औद्योगिक केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक संबंधों को अब निवेश, संयुक्त उद्यम और आधुनिक तकनीक के माध्यम से नई दिशा देने का समय आ गया है।
उन्होंने बताया कि भारत-श्रीलंका व्यापार व्यवस्था के तहत श्रीलंका के परिधान उद्योग को बड़ी मात्रा में फैब्रिक आयात करना होता है। ऐसे में सूरत, जो देश का सबसे बड़ा ग्रे फैब्रिक उत्पादक केंद्र है, वहां के निर्माताओं को अब बिना किसी बिचौलिए के सीधे श्रीलंका की आधुनिक गारमेंट इकाइयों को फैब्रिक निर्यात करने का अवसर मिलेगा, जिससे स्थानीय टेक्सटाइल उद्योग को बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
BOI के डायरेक्टर जनरल डॉ. सुलक्षन जयवर्धना ने कहा कि श्रीलंका में विकसित हो रहे टेक्सटाइल पार्क, आईटी पार्क, जेम्स एवं ज्वेलरी क्लस्टर तथा एडवांस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भारतीय निवेशकों के लिए व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निवेशकों को विशेष सब्सिडी, कर रियायतें, फास्ट-ट्रैक सिंगल विंडो क्लीयरेंस और सभी आवश्यक सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक के दौरान श्रीलंका के अधिकारियों ने यह भी घोषणा की कि सूरत में SGCCI द्वारा आयोजित होने वाले आगामी फूड एंड बेवरेज एक्सपो में श्रीलंका का बोर्ड ऑफ इन्वेस्टमेंट (BOI), बोर्ड ऑफ स्पाइसेस और टी बोर्ड संयुक्त रूप से अंतरराष्ट्रीय पवेलियन स्थापित कर भागीदारी करेंगे। इस निर्णय को भारत-श्रीलंका व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



