आचार्य सम्राट डॉ. श्री शिवमुनि जी म.सा. आदि ठाणा-10 का आध्यात्मिक चातुर्मासिक मंगल प्रवेश सम्पन्न

आत्म भवन, बलेश्वर, सूरत।आत्मज्ञानी सद्गुरुदेव ध्यान गुरु आचार्य सम्राट डॉ. श्री शिवमुनि जी म.सा. ने अपनी शिष्य मण्डली के साथ दिनांक 23 जुलाई 2026 को प्रातः काल बंगला नं. 114-115 से सन् 2026 के चातुर्मासिक मंगल प्रवेश हेतु प्रस्थान किया। श्रीसंघ की महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण किये हुए थे, पुरुषों के हाथ में भगवान महावीर के जयकारों एवं जैन धर्म के ध्वज लहरा रहे थे। पंचरंगी पगड़ी पहने हुए सभी शोभायात्रा में शोभायमान हो रहे थे। जयकारों के साथ प्रातः 9.30 बजे आचार्य भगवंत ने आत्म भवन में मंगल प्रवेश किया।
आज के इस मंगल प्रवेश पर आचार्य भगवन् ने अपने उद्बोधन में फरमाया कि आप सभी ने चातुर्मास प्रवेश पर हमारा स्वागत किया, हम भी आप सभी का स्वागत करते हैं। स्वागत का संधिविच्छेद करें तो इसका अर्थ इस प्रकार होता है स्व$आगत यानि अपनी आत्मा में आओ। जब हम अपनी आत्मा में स्थित हो जाएंगे तो अपने आप ही सभी का स्वागत हो जाएगा। साथ ही आचार्य भगवन ने सभी को आत्म ध्यान की प्रेरणा प्रदान करते हुए फरमाया कि आत्म ध्यान से ही आत्मा का कल्याण होगा। आचार्य भगवन् ने इस अवसर पर सभी साधु-साध्वियों की सेवा, साधना एवं जिनवाणी का लाभ लेने हेतु सभी को प्रेरित किया। 
प्रमुख मंत्री श्री शिरीष मुनि जी म.सा. ने अपने उद्बोधन में आत्मा की ओर अभिमुख होने की प्रेरणा प्रदान की।
इससे पूर्व श्री शुभम मुनि जी म.सा. ‘‘आत्मज्ञानी भगवान आत्म भवन में आए करने आत्म साधना’’ भजन की प्रस्तुति दी। श्री निशांत मुनि जी म.सा. ने ‘‘यह चार महीने का शुभ अवसर आया है’’ भजन की प्रस्तुति दी। श्री शमित मुनि जी म.सा. ने चातुर्मास मंगल प्रवेश की शुभ कामनाएं देते हुए सभी को चातुर्मासिक आराधना का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। श्री शाश्वत मुनि जी म.सा. ने सभी को आत्मा की ओर अभिमुख होने के लिए आत्मज्ञानी शिवाचार्य भगवन के सान्निध्य में आत्म ध्यान में डूबकी लगाने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर जयपुर के ऋषभ जैन ने ‘‘प्रभु देशना, सुनो रे मेरे भाई अरिहंत देशना’’ भजन की प्रस्तुति दी। मनीषा शाह, मीना रांका,ज्योति सालेचा ने स्वागत भजन की प्रस्तुति दी। शिवाचार्य आत्म ध्यान फाउण्डेशन के ट्रस्टी रोहित जैन ने आचार्य भगवन के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की एवं कार्यक्रम का संचालन श्री अशोक मेहता ने किया।
चातुर्मास प्रवेश पर स्थानीय संघों के अलावा अहिल्यानगर, राहता, नासिक, मुंबई, उदयपुर, जयपुर, दिल्ली, लुधियाना के श्रद्धालु भी विशेष रूप से उपस्थित थे।




