
सूरत। भाई के व्यापारिक कर्ज की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेकर चेक जारी करने वाले व्यापारी को चेक रिटर्न (बाउंस) मामले में अदालत ने दोषी करार देते हुए एक वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने 18.57 लाख रुपये की राशि 5 प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया है।
मामले की जानकारी के अनुसार रिंगरोड स्थित यार्न फर्म यशस्वी पॉलिएस्टर्स द्वारा दायर शिकायत में बताया गया कि पांडेसरा निवासी केनीथ नवीनचंद्र जाखरुवाला ने वर्ष 2010 में दलाल के माध्यम से उधार में यार्न खरीदने के लिए संपर्क किया था। केनीथ ने अपनी फर्म जालाराम टेक्सटाइल्स के नाम पर लगभग 44.60 लाख रुपये का माल खरीदा था, जिसमें से 26.03 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि 18.57 लाख रुपये बकाया रह गए थे।
बाद में केनीथ के भाई दीपक जाखरुवाला ने बकाया रकम की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपनी फर्म ज्योति टेक्सटाइल्स के नाम से 18.57 लाख रुपये का चेक जारी किया था। बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक अनादरित (रिटर्न) हो गया, जिसके बाद शिकायत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
सुनवाई के दौरान परिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता नरेश गोहिल ने दलीलें पेश कीं। अंतिम सुनवाई के पश्चात अदालत ने दीपक जाखरुवाला को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई तथा बकाया 18.57 लाख रुपये 5 प्रतिशत ब्याज सहित चुकाने का आदेश दिया।



