ग्रीष्म में शीतलता का अहसास करवाती महिला काव्य गोष्ठी आयोजित

सूरत। महिला काव्य समूह “मंच मन से मंच तक” की मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन 20 मई 2026 को कनक बरमेचा के निवास पर उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। साहित्य और संवेदनाओं से सजी इस गोष्ठी में कवयित्रियों ने अपनी विविध रचनाओं के माध्यम से प्रेम, स्मृतियों, सामाजिक सरोकारों और जीवन दर्शन के रंग बिखेरे।
कार्यक्रम का शुभारंभ समवेत स्वर में माँ वीणा पाणि की आराधना से किया गया। इसके बाद उपाध्यक्षा निम्मी गुप्ता ने “चाहत” कविता प्रस्तुत कर भावनाओं को स्वर दिया। कोषाध्यक्षा बिंदु शर्मा ने “यादों में भीगता जीवन” के माध्यम से बीते पलों की स्मृतियों को जीवंत किया, वहीं डॉ. सुषमा अय्यर ने “गाँव की महक” कविता सुनाकर ग्रामीण संस्कृति की सोंधी खुशबू का अहसास कराया।
शनाया कुमार ने अपनी प्रस्तुति में गर्मी के मौसम के महत्व को रोचक अंदाज में बताया। संस्था की अध्यक्षा पूनम गुजारनी ने हास्य और शरारत से भरपूर रचना “मेरे नखरे तेरे जलवे” प्रस्तुत कर माहौल को खुशनुमा बना दिया। सचिव रजनी जैन ने अपनी कविता के माध्यम से वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों और उनके दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला।
कुलदीप जी की प्रेमरस से सराबोर रचना ने वातावरण में इश्क की मिठास घोल दी। मीता मेहता ने “दस्तक” कविता के जरिए बुझते जीवन में नई उम्मीद जगाने का संदेश दिया। नीति शर्मा ने “जीना सीखो” सुनाकर सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा दी, जबकि सुमन शाह ने प्रेम का महत्व समझाया।
मेजबान कनक बरमेचा ने “कुएं में भांग” कविता के माध्यम से आधुनिक दौर की बहुओं का रोचक चित्रण प्रस्तुत किया। अंजना लाहोटी ने “भंडारा” कविता के जरिए सृजन के लिए शब्दों की तलाश और भावनाओं की अभिव्यक्ति को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
गोष्ठी में श्रोताओं की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही। साहित्य, हास्य, प्रेम और सामाजिक चिंतन से सजी इस काव्य संध्या ने ग्रीष्म ऋतु में भी शीतलता का अहसास कराया।




