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अक्षय तृतीया पर गौसेवा का अनोखा आयोजन, 700 गौवंशों का कराया ‘पारण’
कोयंबटूर स्थित ध्यान फाउंडेशन गौशाला में बाफना परिवार ने किया सेवा कार्य, दीक्षार्थी संयम बाफना की विशेष पहल

कोयंबटूर। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर ध्यान फाउंडेशन द्वारा संचालित गौशाला में एक अनोखा और भावनात्मक गौसेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर दीक्षार्थी संयम बाफना एवं उनके पूरे बाफना परिवार ने मिलकर लगभग 700 गौवंशों की सेवा कर उन्हें इक्षु रस, फल, रोटी, गुड़, चारा एवं औषधि अर्पित की।
लाभार्थी परिवार बदामी बाई-चम्पालाल बाफना द्वारा आयोजित इस सेवा कार्य में गौमाता के प्रति श्रद्धा और समर्पण का विशेष भाव देखने को मिला। सामान्यतः अक्षय तृतीया के दिन वर्षीतप करने वाले तपस्वियों का पारण इक्षु रस से कराया जाता है, लेकिन इस अवसर पर बाफना परिवार ने एक अनोखी पहल करते हुए पूरे गौवंश का विधि-विधान से ‘पारण’ कराने का संकल्प लिया, जिसे सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया।

ध्यान फाउंडेशन के संयोजक आनंद मेहता ने बताया कि यह संस्था एक आध्यात्मिक एवं धर्मार्थ संगठन है, जो अश्विनी गुरुजी के मार्गदर्शन में देश-विदेश में सेवा कार्य कर रही है। भारत सहित यूके, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में 45 से अधिक आश्रयों के माध्यम से 90 हजार से अधिक गौवंशों को संरक्षण दिया जा चुका है। कोयंबटूर के मदुक्कराई क्षेत्र स्थित गौशाला में वर्तमान में लगभग 500 ऐसे गौवंशों को आश्रय दिया गया है, जिन्हें अवैध तस्करी, वध, परित्याग या चोट से बचाया गया है।
मीडिया प्रभारी किशोर जैन ने बताया कि दीक्षार्थी संयम बाफना के दीक्षा महोत्सव से पूर्व उनके परिवार—पांच भाइयों और दो बहनों—ने सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया कि अक्षय तृतीया का पुण्य अवसर गौसेवा को समर्पित किया जाए।
संयम बाफना ने बताया कि कार्यक्रम से पूर्व परिवार के सभी सदस्यों ने आरजी स्ट्रीट स्थित आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय हीरचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. एवं साध्वी श्री कर्तव्यनिधीश्रीजी म.सा. के दर्शन कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात मंदिर से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित ध्यान गौशाला में यह सेवा कार्य पूर्ण श्रद्धा और विधि-विधान के साथ सम्पन्न किया गया।




