
सूरत। साउथ गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO)-2023 को लेकर टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े उद्यमियों में तीव्र नाराजगी देखने को मिली। गुजरात हाईकोर्ट के हालिया आदेश के बाद पॉलिएस्टर यार्न और मोनो यार्न पर क्यूसीओ लागू रखने के निर्णय ने उद्योग जगत में चिंता और असंतोष का माहौल पैदा कर दिया है।
बैठक में वीवर्स, निटर्स, गारमेंट निर्माता, स्टॉक होल्डर्स तथा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उद्योग से जुड़े विभिन्न पक्षों ने चर्चा के दौरान कहा कि क्यूसीओ लागू रहने से उत्पादन लागत, कच्चे माल की उपलब्धता और व्यापारिक प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कई उद्यमियों ने इसे उद्योग के लिए व्यावहारिक चुनौतियां पैदा करने वाला निर्णय बताया।
बैठक के दौरान गुजरात हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध अपील दायर करने अथवा सरकार के समक्ष प्रतिनिधित्व करने जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। अपील प्रक्रिया तथा वकीलों की फीस को लेकर भी सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई, जिससे कुछ समय के लिए बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
हालांकि अंत में सभी पक्षों ने आपसी सहमति से आगे की रणनीति तय करने के लिए एक विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया। यह समिति कानूनी विकल्पों, उद्योग पर पड़ने वाले प्रभाव और सरकार के साथ संवाद की संभावनाओं पर विचार कर आगामी कार्रवाई तय करेगी।
उद्योग प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि टेक्सटाइल सेक्टर पर संभावित आर्थिक असर को ध्यान में रखते हुए जल्द ही ठोस निर्णय लिया जाएगा, ताकि उद्योग हितों की रक्षा करते हुए संतुलित समाधान निकाला जा सके।



