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केंद्र सरकार ने दी स्पष्टता: पेट्रोल-डीजल और गैस की कमी नहीं, घबराकर खरीदारी करने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली। दुनिया में चल रहे युद्ध जैसे हालात के बीच पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की संभावित कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने स्पष्टता जारी करते हुए लोगों से घबराने से बचने की अपील की है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई चेन पूरी तरह मजबूत है।
सरकार ने साफ किया है कि वाहन चालकों को पेट्रोल पंप पर भीड़ लगाने या गैस सिलेंडर की एडवांस बुकिंग करने की कोई आवश्यकता नहीं है। देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और क्रूड ऑयल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मंत्रालय ने लोगों से केवल जरूरत के अनुसार ही खरीदारी करने की अपील की है।
5 किलो के छोटे गैस सिलेंडर की सुविधा आसान
सामान्य जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 5 किलो के छोटे गैस सिलेंडर की उपलब्धता को और आसान बना दिया है। अब कोई भी व्यक्ति नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर केवल पहचान पत्र (आईडी प्रूफ) दिखाकर सिलेंडर खरीद सकता है। इसके लिए एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं होगी।
आंकड़ों के अनुसार पिछले महीने की 23 तारीख से अब तक करीब 57 लाख छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। यह सुविधा खासतौर पर किराए पर रहने वाले और दस्तावेजों की कमी वाले लोगों के लिए उपयोगी साबित हो रही है।
ऑनलाइन गैस बुकिंग में रिकॉर्ड वृद्धि
डिजिटल इंडिया का असर गैस बुकिंग पर भी साफ दिखाई दे रहा है। वर्तमान में ऑनलाइन गैस बुकिंग का आंकड़ा 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है। केवल एक दिन में देशभर में 51 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर की होम डिलीवरी की गई, जो मजबूत सप्लाई सिस्टम का संकेत है।
सरकार लोगों को PNG, इंडक्शन स्टोव और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे विकल्प अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है, ताकि पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम की जा सके।
PNG कनेक्शन में तेजी
पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के विस्तार में भी तेजी आई है। पिछले महीने के बाद से अब तक 3.5 लाख से अधिक नए घरों में गैस सप्लाई शुरू की गई है, जबकि लगभग 3 लाख 80 हजार लोगों ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है।
समुद्री मार्ग से गैस सप्लाई जारी
शिपिंग मंत्रालय भी अंतरराष्ट्रीय हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। “ग्रीन सैंवी” नामक एलपीजी जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पार कर चुका है, जिसमें 46,650 मीट्रिक टन गैस का कार्गो और 25 भारतीय नाविक मौजूद हैं।
वर्तमान में पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारत के 17 जहाज मौजूद हैं, जिनमें 460 भारतीय नाविक तैनात हैं। सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए ईंधन सप्लाई बनाए रखने पर ध्यान दे रही है।
विदेशों से भारतीयों की वापसी जारी
हवाई यात्रा क्षेत्र में भी स्थिति सुधर रही है। 28 फरवरी से अब तक प्रभावित क्षेत्रों से लगभग 6.75 लाख यात्रियों की सुरक्षित भारत वापसी हो चुकी है। अबू धाबी में हुए हमले में घायल पांच भारतीयों में से चार स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि एक का इलाज जारी है।
सरकार ने दोहराया है कि भारत ऊर्जा सुरक्षा के मामले में मजबूत स्थिति में है और देश में पेट्रोल, डीजल या गैस की किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।

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