
सूरत। सूरत ज़िले के कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए एक महत्वपूर्ण ज्ञापन में सूरत ट्रेड यूनियन काउंसिल ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए 4 लेबर कोड को तत्काल रद्द करने की मांग रखी है।
ज्ञापन में बताया गया कि केंद्र सरकार ने देश के 29 मज़दूर कानूनों को रद्द कर उनकी जगह 4 नए लेबर कोड को 21 नवंबर 2025 से पूरे देश में लागू करने की अधिसूचनाएं जारी की हैं। इन नए कानूनों के लागू होने से देशभर में संगठित तथा असंगठित क्षेत्र के लगभग 61 करोड़ मजदूरों, उनकी यूनियनों और विभिन्न फेडरेशनों में भारी आक्रोश व्याप्त है।ट्रेड यूनियन काउंसिल ने आरोप लगाया कि ये नए लेबर कोड मजदूर-विरोधी और संविधान-विरोधी हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने ये कानून मजदूरों के हित में नहीं, बल्कि पूंजीपति मालिकों, कॉर्पोरेट घरानों और विदेशी मल्टीनेशनल कंपनियों के दबाव में लागू किए हैं।
इन्हीं कारणों से देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और विभिन्न फेडरेशनों के संयुक्त मंच ने 26 नवंबर 2025 को काला दिवस मनाने और व्यापक विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। इसी के तहत सूरत ट्रेड यूनियन काउंसिल ने भी सूरत में काला दिवस मनाकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रेषित किया।काउंसिल ने स्पष्ट मांग की है कि—केंद्र सरकार तत्काल नए 4 लेबर कोड और श्रम शक्ति नीति–2025 को रद्द करे,और रद्द किए गए पूर्व के 29 मज़दूर कानूनों को फिर से लागू किया जाए।



