
सूरत। कतरगाम क्षेत्र में लेस पट्टी के एक व्यापारी को चेक रिटर्न मामले में अदालत ने एक वर्ष की सजा सुनाई है।
जानकारी के अनुसार, कतरगाम के सिंगणपोर-डभोली क्षेत्र स्थित सिल्वर स्टोन कॉम्प्लेक्स में खोडियार फैशन के नाम से व्यापार करने वाले भगवानभाई जादवभाई कलथिया का परिचय कतरगाम आंबातलावड़ी स्थित पूजा पार्क सोसायटी निवासी शैलेश मनसुखभाई गोयाणी से हुआ था। भगवानभाई ऑनलाइन खरीद-बिक्री का व्यवसाय करते हैं, जबकि शैलेश गोयाणी लेस पट्टी का काम करते हैं।
दोनों के बीच मित्रता होने के बाद अक्टूबर 2021 में शैलेश गोयाणी ने व्यापारिक जरूरत बताकर भगवानभाई से 5.50 लाख रुपये उधार लिए थे। इसके बदले शैलेश ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एक चेक दिया था। जब यह चेक बैंक में जमा कराया गया तो “फंड्स इनसफिशिएंट” के कारण रिटर्न हो गया।
इसके बाद भगवानभाई कलथिया ने एडवोकेट योगेश के. जोगाणी के माध्यम से अदालत में चेक रिटर्न का मामला दायर किया। सुनवाई के दौरान एडवोकेट जोगाणी ने बैंक स्टेटमेंट, प्रॉमिसरी नोट और चेक रिटर्न मेमो सहित अन्य दस्तावेज अदालत में पेश किए।
मामले की सुनवाई के बाद ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास डॉ. सुप्रीत कौर गाबा की अदालत ने आरोपी शैलेश गोयाणी को दोषी करार देते हुए एक वर्ष की सजा सुनाई तथा 4.90 लाख रुपये की राशि शिकायतकर्ता को अदा करने का आदेश दिया। साथ ही आरोपी के खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट भी जारी किया गया।


